दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा में शासकीय धान एवं बारदाना गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में लाखों रुपये की शासकीय संपत्ति की कमी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के पश्चात न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस दोनों गंभीर नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति रौंदा में धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था की आकस्मिक जांच की गई थी। खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट में शासकीय धान एवं नए बारदानों की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड की हुई जांच
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के मुताबिक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। जब स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया तो अभिलेखों की तुलना में 560.28 क्विंटल धान कम पाया गया। इसके अलावा 2103 नग नए बारदानों की भी कमी दर्ज की गई। जांच अधिकारियों ने धान और बारदाना की कमी का मूल्यांकन किया, जिसमें लगभग 15,08,161 रुपये की शासकीय संपत्ति का नुकसान सामने आया। प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और शासकीय संपत्ति के गबन का मामला माना गया। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों को संकलित कर पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा गया।पुलिस ने दर्ज किया आपराधिक मामला
जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद थाना धमधा में अपराध क्रमांक 136/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) एवं 318(1) के तहत मामला कायम कर विस्तृत विवेचना शुरू की। मामले की जांच के दौरान समिति के कर्मचारियों, संबंधित अधिकारियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सेवा सहकारी समिति रौंदा के प्रभारी जगदीश कुमार नवरंगे (60 वर्ष) निवासी पेंड्रावन, थाना धमधा को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों से पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।धमधा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्ति, सार्वजनिक धन और सहकारी संस्थाओं से जुड़े आर्थिक अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सहकारी समितियों में बढ़ाई जाएगी निगरानी
इस मामले के सामने आने के बाद जिले की अन्य सहकारी समितियों में भी रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए नियमित निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
