खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद की कालाबाजारी के मामले सामने आने लगे हैं। सिवनी जिले के बंडोल क्षेत्र में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएपी खाद को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचने और बिना वैध दस्तावेजों के भंडारण करने वाले दो दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही दोनों के गोदामों को सील कर दिया गया है। किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बंडोल क्षेत्र में डीएपी खाद निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए कृषि विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया।
किसान बनकर पहुंचे अधिकारी
सहायक संचालक पवन कुमार कौरव ने किसान बनकर साहू कृषि केंद्र पर पहुंचकर जांच की। दुकान संचालक अमित साहू ने डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 2400 रुपये बताई। अधिकारी ने दो बोरियों के लिए 4800 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया और उन्हें गोदाम से खाद लेने के लिए कहा गया। इसी तरह सहायक संचालक प्रफुल्ल घोड़ेश्वर ने ग्राहक बनकर साहू ट्रेडर्स एवं कृषि केंद्र पर जांच की। यहां संचालक रोहित कुमार ने डीएपी की एक बोरी 2500 रुपये में बेचने की बात कही।
अधिक दर पर हो रही थी बिक्री
गोदामों से भारी मात्रा में खाद का स्टॉक बरामद
विभागीय जांच में साहू कृषि केंद्र के गोदाम से डीएपी की 45 बोरियां, सिंगल सुपर फास्फेट और एनपीके खाद की 114 बोरियां बरामद हुईं। वहीं दूसरे केंद्र के गोदाम से डीएपी की 125 बोरियां और अन्य खाद की 204 बोरियां मिलीं। दोनों स्थानों पर बड़े पैमाने पर भंडारण पाया गया। अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद कृषि विभाग ने दोनों दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और उनके गोदामों को सील कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अन्य दुकानदारों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
