दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली बात सामने आई है. जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगामी 15 जून से पूरी तरह शुरू होने जा रहा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस नए हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें यानी कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इस एयरपोर्ट से सबसे पहले देश की जानी-मानी एविएशन कंपनी इंडिगो अपनी हवाई सेवाएं देगी. इंडिगो की पहली फ्लाइट 15 जून को सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी और ठीक 8 बजकर 5 मिनट पर नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड करेगी.
पहले चरण का काम पूरा, सालाना 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे
गौतमबुद्ध नगर जिले के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बना यह शानदार एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है. इसके शुरू होने से यूपी देश का एक बड़ा कनेक्टिविटी हब बन जाएगा. एयरपोर्ट के पहले फेज यानी फर्स्ट चरण का काम पूरी तरह कंपलीट हो चुका है. इस पहले हिस्से की क्षमता इतनी है कि यहाँ से हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्री आसानी से सफर कर सकते हैं. फर्स्ट फेज के तहत एक बड़ा रनवे, यात्रियों के लिए टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी टावर बनाया गया है. एटीसी टावर वह ऊँची बिल्डिंग होती है जहाँ से अधिकारी उड़ते हुए और उतरते हुए जहाजों को रास्ता दिखाते हैं और उन पर नजर रखते हैं.
चार चरणों में होगा विकास, बनेंगे कुल पांच रनवे
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए से इस एयरपोर्ट को पहले ही जरूरी लाइसेंस मिल चुका है. लगभग 1,334 हेक्टेयर की विशाल जमीन पर फैले इस पूरे प्रोजेक्ट को कुल चार चरणों में पूरा किया जाना है. अधिकारियों का कहना है कि साल 2031 तक यहाँ से 3 करोड़, 2036 तक 5 करोड़ और साल 2040 तक 7 करोड़ यात्रियों के सफर करने की क्षमता हो जाएगी. जब इसके चारों चरणों का काम पूरा हो जाएगा, तब इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसकी सालाना क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों की हो जाएगी, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा.इंडिगो जोड़ेगी 16 से ज्यादा शहर, पैदा होंगे रोजगार के मौके
शुरुआती योजना के तहत इंडिगो एयरलाइंस आने वाले दिनों में नोएडा एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ेगी. इनमें लखनऊ, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, श्रीनगर और पंतनगर जैसे शहर शामिल हैं. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट के ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि इस बड़े प्रोजेक्ट से इलाके में करीब एक लाख लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार यानी काम-धंधा मिलेगा. साथ ही होटल, वेयरहाउसिंग और माल ढुलाई जैसे बिजनेस में भी भारी निवेश आएगा.
