दुर्ग पुलिस ने नेहरू नगर पश्चिम स्थित एक सूने मकान में हुई बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं।
मामला तब सामने आया जब नेहरू नगर पश्चिम निवासी विनय कुमार अग्रवाल ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 4 मई 2026 को वे परिवार सहित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और घर में ताला लगाकर गए थे। लौटने पर उन्होंने पाया कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और अलमारी भी क्षतिग्रस्त थी। घर से सोना-हीरा-चांदी के आभूषण और करीब 3.40 लाख रुपये नकद चोरी हो चुके थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सुपेला पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। जांच में पता चला कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और फिर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
मुख्य आरोपियों की भूमिका उजागर
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का संचालन हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन कर रहे थे। दोनों अपने साथियों के साथ मिलकर इलाके में रेकी करते और फिर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी किए गए आभूषण उन्होंने उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित एक ज्वेलर्स को बेच दिए थे। चोरी से प्राप्त रकम को सभी आरोपी आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें हारिम, मोहम्मद नासिर हुसैन, मोहम्मद कासिम, सलीम, मोहम्मद बिलाल और दिन मोहम्मद शामिल हैं। अधिकांश आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी दिल्ली का निवासी है।बरामदगी में मिले महत्वपूर्ण सबूत
पुलिस ने आरोपियों से चोरी किए गए सोने-हीरे और चांदी के आभूषण, नकदी, जुपिटर और सेल्टोस वाहन, मोबाइल फोन, ताला तोड़ने के औजार तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराएं जोड़ी गई हैं। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लंबे समय तक घर खाली छोड़ने पर इसकी जानकारी पड़ोसियों या विश्वसनीय लोगों को दें, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
