जांजगीर-चांपा जिले में अपराधों की जांच को और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देश पर 16 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ विद्या जौहर ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट, NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) और MCU के उपयोग की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
जिलेभर के पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी
इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों से आए उप निरीक्षक, अधिकारी और पुलिस कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को अपराध स्थल से फिंगरप्रिंट साक्ष्य एकत्र करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि अपराध स्थल पर पाए जाने वाले फिंगरप्रिंट साक्ष्य अपराधियों की पहचान स्थापित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें सही तरीके से संकलित, संरक्षित और विश्लेषित कर न्यायालय में मजबूत साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रशिक्षण में NAFIS प्रणाली के माध्यम से देशभर के फिंगरप्रिंट डेटाबेस से त्वरित पहचान की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया। इस तकनीक से पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने में काफी तेजी और सटीकता मिलेगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।मिनी किट से घटनास्थल पर साक्ष्य विकसित करने का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट की सहायता से घटनास्थल पर छिपे हुए फिंगरप्रिंट विकसित करने की तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। इससे पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में साक्ष्य संग्रह की बेहतर समझ मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ अपराधों के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण में सहायक सिद्ध होंगे। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा लगातार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाकर अपराध नियंत्रण और विवेचना को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
