महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। योजना के तहत ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की 30 जून की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश की 97 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों का डिजिटल सत्यापन पूरा हो गया है। हालांकि, बस्तर संभाग के सात जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रगति को देखते हुए वहां ई-केवाईसी की समय सीमा 20 जुलाई तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ संभाग में 30 जून तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाली महिलाओं की जुलाई माह की किस्त जारी नहीं की जाएगी।
ई-केवाईसी नहीं कराने पर रुकेगी जुलाई की किस्त
विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं हितग्राहियों को मिलेगा, जिनका डिजिटल सत्यापन पूरा हो चुका होगा। वर्तमान में योजना के 65.3 लाख सक्रिय हितग्राही हैं, जिनमें अधिकांश का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।बस्तर संभाग के सात जिलों में ई-केवाईसी की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है।
बस्तर संभाग को मिलेगी अतिरिक्त राहत
इसी कारण वहां की महिलाओं को राहत देने के लिए सत्यापन की अंतिम तिथि 20 जुलाई तक बढ़ाने की तैयारी की गई है। इससे उन हितग्राहियों को समय पर ई-केवाईसी कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी हैं।महतारी वंदन योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी। उस समय योजना के लिए 70.27 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।
नए पंजीयन के लिए फिर खुलेगा पोर्टल
इसके बाद कई महिलाएं आवेदन करने से वंचित रह गईं, जिसके चलते लंबे समय से नए पंजीयन के लिए पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की जा रही थी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नए पंजीयन के लिए पोर्टल फिर से खोलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है।
8 से 10 लाख नई महिलाओं को मिल सकता है लाभ
फिलहाल नए पंजीयन का पोर्टल केवल बस्तर संभाग के लिए खोले जाने की तैयारी है, जबकि अन्य संभागों की महिलाओं को अभी इंतजार करना होगा। विभागीय अनुमान के अनुसार भविष्य में पोर्टल पूरी तरह खुलने पर 8 से 10 लाख नई महिलाएं महतारी वंदन योजना से जुड़ सकती हैं। इनमें बस्तर संभाग से ही एक लाख से अधिक संभावित हितग्राही शामिल होने की संभावना जताई गई है।