Manjhi Teachers Protest: शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर मांझी क्षेत्र में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, समान काम के लिए समान वेतन देने और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने सहित कई मांगों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में अपनी सेवाएं दीं और सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी कई समस्याएं लंबित हैं, लेकिन अब तक इनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
वेतन की मांग पर शिक्षक लामबंद
इसी के चलते चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। पुरानी पेंशन बहाली की प्रमुख मांग शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था जरूरी है। शिक्षकों ने सरकार से इस विषय पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। समान वेतन और सेवा संबंधी मांगें प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग भी उठाई।
समान वेतन और TET हटाने की मांग
शिक्षकों का कहना है कि समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद वेतन और सेवा शर्तों में अंतर होने से कर्मचारियों में असंतोष है। उन्होंने सरकार से वेतन विसंगतियों को दूर करने और सभी शिक्षकों के लिए समान सेवा व्यवस्था लागू करने की मांग की। TET की अनिवार्यता हटाने की मांग शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता को लेकर भी विरोध जताया।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों की सेवा और अनुभव को ध्यान में रखते हुए TET से जुड़ी अनिवार्यता पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि काली पट्टी बांधकर विरोध जताना उनके शांतिपूर्ण आंदोलन का हिस्सा है। यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। शिक्षकों ने सरकार से बातचीत के माध्यम से सभी मांगों का समाधान करने की अपील की है।

