बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू रविवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में विवाह बंधन में बंधेंगे। वे गरीब परिवार की तरुणा साहू के साथ सात फेरे लेंगे। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेमेतरा में किया जा रहा है। दीपेश साहू राजनीति में आने से पहले करीब 10 साल तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे हैं। नौकरी छोड़ने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और भाजपा में शामिल हो गए। संगठन में उन्होंने पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वर्तमान में वे बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
विधायक की होने वाली पत्नी तरुणा साहू मूल रूप से दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने एमए तक की पढ़ाई की है। उनके पिता देवनारायण साहू ड्राइवर हैं और माता मालती साहू गृहिणी हैं। परिवार में एक भाई टिकेंद्र साहू भी हैं। वर्तमान में उनका परिवार बेमेतरा में निवासरत है।
एक ही मंच पर 21 जोड़ों के साथ होंगे विवाह
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 21 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। इन्हीं में विधायक दीपेश साहू और तरुणा साहू का नाम भी शामिल है। विभाग के अनुसार सभी का रजिस्ट्रेशन योजना के नियमों के तहत किया गया है। इस विवाह की खास बात यह है कि विधायक दीपेश साहू की बारात बैलगाड़ी से निकलेगी। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार यह व्यवस्था स्थानीय परंपरा और ग्रामीण संस्कृति को ध्यान में रखते हुए की गई है। इस अनोखी शादी को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।मुख्यमंत्री और मंत्री होंगे शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों के भी पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विधायक दीपेश साहू ने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे, बल्कि उसे मेधावी छात्राओं की पढ़ाई पर खर्च करेंगे। उनका यह निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक बहस भी हुई शुरू
विवाह को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने योजना की पात्रता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है, ऐसे में विधायक का इस योजना के तहत विवाह करना नियमों के दायरे में आता है या नहीं—इस पर स्पष्टता जरूरी है। वहीं भाजपा ने इसे विधायक का व्यक्तिगत निर्णय बताया है।
