छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सरगीपाल स्थित सरकारी तेंदूपत्ता गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की इस घटना में गोदाम में रखा लगभग 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इसमें लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग फिलहाल नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।
आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत और कई घंटों की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी मात्रा में स्टॉक नष्ट हो चुका था।
सालभर पुराना स्टॉक था सुरक्षित रखा गया
जानकारी के अनुसार, गोदाम में रखा गया तेंदूपत्ता सुकमा जिले का लगभग एक साल पुराना स्टॉक था, जिसे सुरक्षित भंडारण के लिए सरगीपाल गोदाम में रखा गया था। आग लगने के कारणों की स्पष्ट पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वन विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तकनीकी टीम और विभागीय अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं।बीमा क्लेम एंगल की भी जांच शुरू
सूत्रों के अनुसार तेंदूपत्ता के बड़े स्टॉक का बीमा कराया जाता है। ऐसे में इस घटना को लेकर बीमा क्लेम से जुड़े पहलू की भी जांच की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी किसी भी तरह की साजिश या अनियमितता की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, और स्टॉक के भंडारण की प्रक्रिया कितनी सुरक्षित थी।
