असम में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान कमलेश केरकेट्टा की मौत हो गई। नाइट ड्यूटी के बाद कैंप लौटे कमलेश कुछ घंटे बाद लापता हो गए थे। तलाश के दौरान कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में उनका शव मिला। मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के बाद ही स्थिति साफ होने की बात कही जा रही है।
बीएसएफ के अधिकारी जवान का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम लेकर पहुंचे, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को देखकर परिवार के साथ ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे। बतौली क्षेत्र के ग्राम कपाटबहरी निवासी 36 वर्षीय कमलेश केरकेट्टा, पिता निर्मल केरकेट्टा, बीएसएफ की 66वीं बटालियन में पदस्थ थे।
पत्नी को दी गई लापता होने की सूचना
उन्होंने वर्ष 2012-13 में बीएसएफ में अपनी सेवा शुरू की थी। वर्तमान में उनकी तैनाती असम के डोबरी किस्तापड़ा स्थित कैंप में बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, 6 अगस्त की रात कमलेश की नाइट ड्यूटी थी। रात करीब 12 बजे ड्यूटी पूरी करने के बाद वे कैंप लौटे थे। इसके करीब एक से दो घंटे बाद उनके कैंप से लापता होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बीएसएफ स्तर पर उनकी तलाश शुरू की गई। 7 अगस्त को कंपनी कमांडर ने कमलेश की पत्नी ममता केरकेट्टा से फोन पर संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि कमलेश कैंप से लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है। इसके बाद परिवार भी लगातार उनकी जानकारी मिलने का इंतजार करता रहा।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर
शनिवार दोपहर करीब दो बजे कैंप से लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में एक धुबरी के पास शव मिलने की सूचना मिली। बाद में शव की पहचान बीएसएफ जवान कमलेश केरकेट्टा के रूप में हुई। पहुंचा गांव 11 अगस्त को बीएसएफ की 66वीं बटालियन के अधिकारी कमलेश का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृह ग्राम कपाटबहरी पहुंचे। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। मंगलवार को जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।मौत की वजह जानने के लिए जांच जारी
बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान अधिकारियों ने कमलेश को शहीद का दर्जा दिए जाने की बात भी कही। कमलेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। परिजनों की ओर से मौत का कारण पूछे जाने पर अधिकारियों ने जांच जारी होने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही जवान की मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।