छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर इंसानों और हाथियों के बीच का संघर्ष बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर राज्य के जशपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिलों से आई दो अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जशपुर में जहां एक तरफ हाथियों ने सो रहे बुजुर्ग को दर्दनाक मौत दे दी, वहीं मरवाही में कटहल की लालच में पहुंचे हाथियों के झुंड के कारण एक सरकारी बालिका छात्रावास को आनन-फानन में खाली कराना पड़ा। पहली दिल दहला देने वाली घटना जशपुर जिले के बगीचा वन रेंज अंतर्गत घुघरी कदमटोली गांव की है।
बुजुर्ग की जान लेने के बाद तोड़ी झोपड़ी
रविवार देर रात जंगल से भटककर आए हाथियों के एक झुंड ने गांव के किनारे बनी झोपड़ी पर अचानक धावा बोल दिया। झोपड़ी में अंदर सो रहे 70 वर्षीय आदिवासी मार्शल एक्का को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हाथियों ने उन्हें मौके पर ही कुचलकर मार डाला। तांडव इतने पर ही नहीं रुका, बुजुर्ग की जान लेने के बाद हाथियों ने झोपड़ी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और पास के खेतों में खड़ी धान की लहलहाती फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। सुबह जब ग्रामीणों को घटना की भनक लगी, तो पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

हॉस्टल की बाउंड्री को कई जगहों से तोड़ा
दूसरी घटना शनिवार देर रात मरवाही के एक सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में सामने आई। पके हुए कटहल की महक से आकर्षित होकर दो भारी-भरकम हाथी हॉस्टल परिसर के पास पहुंच गए। हाथियों ने अंदर दाखिल होने के लिए हॉस्टल की बाउंड्री वॉल को पांच अलग-अलग जगहों से तोड़ डाला। इसके बाद वे गार्ड रूम, खिड़कियों और मुख्य दरवाजों को नुकसान पहुंचाने लगे। हॉस्टल परिसर में हाथियों की मौजूदगी से छात्राओं में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई और हॉस्टल में मौजूद सभी 58 छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया।
कई घर और फसलों को किया तबाह
गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई भी छात्रा या स्टाफ घायल नहीं हुआ। बाद में वन विभाग की टीम ने परिसर से सारे पके कटहल हटवाए ताकि हाथी दोबारा रुख न करें। सुरक्षा के मद्देनजर अब हॉस्टल के चारों ओर गहरी सुरक्षात्मक खाई खोदने का फैसला लिया गया है। वन अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय 16 हाथियों का यह झुंड कुछ समय पहले मध्य प्रदेश के अनूपपुर चला गया था, लेकिन अब यह वापस मरवाही के महुआडीह जंगलों में लौट आया है। यह झुंड बीते कुछ दिनों में कई ग्रामीणों के घर और एकड़ में फैली फसलें तबाह कर चुका है।
लाउडस्पीकर से मुनादी
लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए वन विभाग, पुलिस और राजस्व प्रशासन ने संयुक्त रूप से प्रभावित इलाकों में गश्त तेज कर दी है। गांवों में लगातार लाउडस्पीकर से मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, न ही उन्हें उकसाने या उनका पीछा करने की कोशिश करें। किसी भी प्रकार की हलचल दिखने पर तुरंत नजदीकी वन अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।