रायपुर के सड्डू इलाके में 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी राजू सेन उर्फ खड़ा राजू उर्फ रेमंड को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामला जनवरी 2026 का है। पीड़िता की मां ने 13 जनवरी को सरस्वती नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रकरण पेश किया था।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, घटना 12 जनवरी 2026 की है। दोपहर करीब 1:30 बजे पीड़िता अपनी नानी के घर से पैदल वापस लौट रही थी। इसी दौरान विवेकानंद स्टेडियम के पास सेवा भारती मातृ छाया के नजदीक एक विधि के साथ संघर्षरत किशोर ने उसे फोन किया। उसने परिचित महिला के बुलाने की बात कही। इसके बाद किशोर और आरोपी एक दोपहिया वाहन से वहां पहुंचे।
घर में अकेला पाकर किया दुष्कर्म
पहले से जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उनके साथ चली गई। आरोप है कि उसे बताए गए स्थान पर ले जाने के बजाय सड्डू स्थित आरोपी के घर ले जाया गया। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे किशोर वाहन लेकर वहां से चला गया। उस समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसका मोबाइल फोन भी बंद कर दिया। बाद में आरोपी के सो जाने पर पीड़िता ने वहां से निकलने का प्रयास किया। 13 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे वह दरवाजे की कुंडी खोलकर घर से बाहर निकली। इसके बाद पैदल चलते हुए सुबह करीब 9 बजे अपने घर पहुंची और मां को घटना की जानकारी दी।शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की मां की शिकायत पर सरस्वती नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया। पीड़िता और उसकी मां की सहमति के बाद 13 जनवरी को एम्स रायपुर में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद 15 जनवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। जांच आगे बढ़ने के बाद 18 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसका भी मेडिकल परीक्षण कराया गया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 127(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी ठहराया। वहीं धारा 296 और 115(2) के आरोपों से उसे बरी कर दिया गया। अदालत ने आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी 18 मार्च से 11 अगस्त 2026 तक कुल 146 दिन जेल में रह चुका है। अदालत ने इस अवधि को उसकी सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।