देशभर में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी की वारदातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब बेहद सख्त कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण प्रगति बैठक की अध्यक्षता करते हुए साफ किया है कि साइबर अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पीएम मोदी ने आम जनता को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए पूरे देश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे हर राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से बात करें, ताकि इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारा जा सके।
क्या है ई-जीरो एफआईआर और इससे आम जनता को क्या होगा फायदा
आम तौर पर जब किसी के साथ कोई अपराध होता है, तो पुलिस कहती है कि यह मामला हमारे इलाके का नहीं है। लेकिन ई-जीरो एफआईआर एक ऐसी खास डिजिटल सुविधा है, जिसके तहत पीड़ित व्यक्ति देश के किसी भी कोने से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए उसे किसी थाने के चक्कर काटने या कानूनी सीमा के झंझट में पड़ने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर विंग ने इस नई पहल को तैयार किया है। इसके तहत जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ी ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराएगा, उसकी शिकायत तुरंत जीरो एफआईआर में बदल जाएगी। इससे पुलिस और जांच एजेंसियों को बिना समय गंवाए अपराधियों को पकड़ने और ठगे गए पैसों को बैंक खातों में ही रोकने में मदद मिलेगी।डिजिटल प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल पर जताई चिंता, मिलकर काम करने के निर्देश
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते गलत इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि ऐसे मामलों में बिना देरी किए तुरंत और संवेदनशील होकर एक्शन लिया जाए। पीएम मोदी ने पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों, बैंकों और इंटरनेट कंपनियों को आपस में बेहतर तालमेल बिठाने की हिदायत दी है, ताकि ठगों का सुराग मिटने से पहले ही उन्हें दबोचा जा सके।
