मानसून मेहरबान : जिले में बारिश का दौर जारी, किसानों ने तेज की धान रोपाई की तैयारी
मानसून की सक्रियता से जिले में मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश से किसानों को राहत मिली है और धान सहित खरीफ फसलों की तैयारियों में तेजी आई है।
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कीर्तिमान न्यूज
22 Jul 2026, 09:15 AM
महासमुंद
जिले में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बीते कुछ दिनों से जारी रुक-रुक कर बारिश और घने बादलों की आवाजाही से जहाँ आम लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं छत्तीसगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए जिले में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग (IMD) का ताजा पूर्वानुमान
आगामी 48 से 72 घंटे: जिले के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
तापमान में गिरावट: अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिनभर मौसम खुशनुमा बना हुआ है।
येलो अलर्ट: मौसम केंद्र ने किसानों और आम नागरिकों को आकाशीय बिजली (गाज) चमकने या गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
खेतों में तेज हुई धान रोपाईखरीफ फसल को मिली नई रफ्तार
मानसून की इस मेहरबानी से जिले के किसान बेहद खुश हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती की तैयारियों को नई रफ्तार मिल गई है। बारिश के पानी से लबालब हुए खेतों में किसानों ने धान की रोपाई और रोपा-बियासी का काम तेज कर दिया है। जिन क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण बुवाई अटकी हुई थी, वहां अब तेजी से काम निपटाया जा रहा है।
बारिश के दौरान रासायनिक उर्वरकों न करें छिड़काव
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहां जल निकासी का उचित प्रबंध रखें। शुरुआती दौर में अत्यधिक पानी से छोटे पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। लगातार हो रही बारिश के दौरान खेतों में यूरिया या अन्य रासायनिक उर्वरकों का छिड़काव न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि बारिश के पानी के साथ खाद बह जाने की संभावना रहती है। आकाशीय बिजली चमकने या तेज आंधी-तूफान के दौरान किसान भाई खेतों में काम करने से बचें और किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे रुकने से परहेज करें।