संसद के जारी मॉनसून सत्र के बीच आज सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। 'मंगल मिलन' नाम से बुलाई गई यह बैठक संसद परिसर स्थित पुस्तकालय भवन के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉनसून सत्र के बाकी बचे 10 दिनों के दौरान सदन में विपक्षी हमलों का जवाब देने और विधायी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। संसदीय कार्यप्रणाली और गठबंधन में बेहतर तालमेल के लिहाज से बुलाई गई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत एनडीए घटक दलों के सभी प्रमुख नेताओं और सांसदों की मौजूदगी रहने वाली है।
मंगल मिलन नई व्यवस्था नहीं
भाजपा संसदीय कार्यालय की ओर से लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सांसदों को बाकायदा एक सूचना पत्र जारी कर तय समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है। दरअसल, 'मंगल मिलन' कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि एनडीए की साप्ताहिक रणनीति बैठकों को ही यह नया और अनौपचारिक रूप दिया गया है। इसका मूल मकसद सिर्फ floor management (सदन का कामकाज संभालना) ही नहीं, बल्कि गठबंधन के सभी सहयोगियों के बीच एक रचनात्मक संवाद स्थापित करना है।
किसी मिलेगा कितना समय होगा बैठक में तय
बैठक के ज़रिए टीडीपी, जेडीयू, शिवसेना, एलजेपी और अन्य क्षेत्रीय क्षत्रपों के साथ सामंजस्य बैठाया जाता है। इसके अलावा, सदन में चर्चा के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर किस दल का सांसद बोलेगा और किसे कितना समय मिलेगा—इसका आवंटन भी इन्हीं बैठकों में तय होता है। गौरतलब है कि इससे पहले 28 जुलाई को भी 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई थी।अनुशासित कार्यशैली की सराहना
उस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष ने पहली बार हिस्सा लिया था। गठबंधन में शामिल हुए इन नए चेहरों ने एनडीए की इस व्यवस्थित और अनुशासित कार्यशैली की खुलकर सराहना की थी। आज की बैठक से भी यही उम्मीद जताई जा रही है कि एनडीए अपने कुनबे को एकजुट रखकर सदन में फ्लोर पर अपनी पकड़ और मजबूत करेगा।