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छत्तीसगढ़ में बारिश और बादलों का मौसम
छत्तीसगढ़ में बारिश और बादलों का मौसम
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मानसून की करवट : मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, जानें पिछले साल के मुकाबले इस बार क्या हैं हालात

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के असर से अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 से 20 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 15 Jul 2026, 11:26 AM · अपडेट: 30 Oct 2026, 11:33 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ में भीषण उमस और चिलचिलाती धूप झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की आधिकारिक पुष्टि की है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए चक्रवाती सिस्टम (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश देखने को मिल सकती है। 

आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम

दक्षिण छत्तीसगढ़ 

  • प्रभावित जिले: जगदलपुर (बस्तर), दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेड़।

  • कैसा रहेगा हाल: बस्तर संभाग में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान रहने वाला है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Vajrapat) की आशंका है। यहां अगले 48 घंटों में मध्यम से भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

मध्य छत्तीसगढ़

  • प्रभावित जिले: रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, भिलाइ, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव और कबीरधाम (कवर्धा)।

  • कैसा रहेगा हाल: इन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा था, जिससे लोग उमस से बेहाल थे। हालांकि, अब आसमान में काले बादलों का डेरा डलना शुरू हो गया है। रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

उत्तर छत्तीसगढ़ 

  • प्रभावित जिले: बिलासपुर, पेंड्रा रोड, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, अंबिकापुर (सरगुजा), कोरिया, जशपुर और सूरजपुर।

  • कैसा रहेगा हाल: इन जिलों में स्थानीय प्रभाव के कारण तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हालांकि, यहां के कुछ हिस्सों को भारी बारिश के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही से मौसम सुहाना बना रहेगा।

बारिश से खेती को मिलेगी रफ्तार
18 से 20 तक मानसून की रफ्तार तेज 

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 20 जुलाई के बीच छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार सबसे तेज होगी। इस दौरान राज्य के 'फेयरली वाइडस्प्रेड' यानी अधिकांश इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को आकाशीय बिजली से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है और खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत दी है।

पिछले साल और इस साल के आंकड़े

  • पिछले वर्ष की स्थिति: पिछले साल इस समय तक छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका था और औसत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी थी। बांधों और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था, जिससे किसानों ने समय पर धान की बुआई का काम बड़े पैमाने पर निपटा लिया था।

  • इस वर्ष की स्थिति: इस साल मानसून की एंट्री थोड़ी धीमी और बिखरी हुई रही है। मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, जिसके कारण जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के उत्तरार्ध (आने वाले दिनों) में होने वाली यह भारी बारिश पिछले घाटे (Rainfall Deficit) को काफी हद तक पूरा कर देगी, जिससे खेती-किसानी के काम में तेजी आएगी। 

  • अगले कुछ दिनों में बिजली चमकने और आंधी चलने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में लोग सतर्कता बरतें।
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