मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर सुकमा के दूरस्थ जनजातीय गांवों में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जरूरी सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। पहले जिन सामान्य कामों के लिए लोगों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, अब उनसे जुड़ी सुविधाएं नजदीकी केंद्र पर मिल रही हैं। इससे ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
277 आदि सेवा केंद्रों में तीन दिवसीय शिविर
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में जिले के सभी 277 आदि सेवा केंद्रों पर 13 से 15 अगस्त तक तीन दिवसीय जनसुनवाई एवं सेवा-संतृप्ति शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं। दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी होने पर कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उन्हें संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है।
2,600 से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी
अभियान के तहत लगाए गए शिविरों में 14 अगस्त शाम चार बजे तक 2,600 से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। कर्मचारियों द्वारा सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान भी की जा रही है। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर मौके पर ही आवेदन तैयार कर प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।

एक स्थान पर मिल रहीं कई जरूरी सुविधाएं
शिविरों में आयुष्मान कार्ड के अलावा आधार कार्ड और वय वंदन कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी एक ही स्थान पर दी जा रही हैं। अधिकारी ग्रामीणों के दस्तावेजों की जांच करने के साथ उन्हें आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी भी दे रहे हैं। कई विभागों की सुविधा एक जगह उपलब्ध होने से लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों को विशेष राहत मिली है।
स्वयंसेवकों की मदद और डिजिटल निगरानी
अभियान को सफल बनाने में आदि सेवा स्वयंसेवक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्वयंसेवक घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर की तारीख, स्थान और वहां मिलने वाली सेवाओं की जानकारी दे रहे हैं। वे शिविर में पहुंचे लोगों को संबंधित विभाग के स्टॉल तक पहुंचाने और आवेदन भरने में भी सहायता कर रहे हैं। वहीं, व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारी डिजिटल माध्यम से शिविरों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर होंगे सामुदायिक कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जिले के सभी आदि सेवा केंद्रों में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। अभियान के माध्यम से सरकारी सुविधाओं के साथ गांवों तक राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी पहुंचाया जा रहा है। आदि कर्मयोगी अभियान सुकमा के सुदूर वनांचल में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बन रहा है।