Murder Case: जांजगीर-चांपा जिले में भारतमाला रोड पर कोटमीसुनार के पास 24 जून की रात हुई युवक की मौत का मामला सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि ट्रक के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद के बीच शराब पार्टी के दौरान दोस्तों ने युवक की पिटाई की थी। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपितों ने घटना को सड़क हादसे का रूप देने के लिए शव को कार से घसीटकर हाईवे पर फेंक दिया। अकलतरा पुलिस ने मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अभी फरार है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया है। पेंडारी निवासी अरविंद सिंह लोधी ट्रांसपोर्टिंग का काम करते थे। 22 जून की शाम वह दोस्तों से मिलने के लिए घर से निकले थे। कुछ समय बाद परिवार को उनके दोस्तों ने फोन कर बताया कि अरविंद का एक्सीडेंट हो गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो अरविंद की मौत हो चुकी थी।
घटनास्थल की जांच से पुलिस को हुआ शक
शुरुआत में अरविंद की मौत को सड़क हादसा मानते हुए धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। अकलतरा थाना प्रभारी जय कुमार साहू और कोटमीसोनार चौकी प्रभारी विनोद जाटवर ने घटनास्थल का क्राइम सीन रिक्रिएट किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अरविंद के शरीर पर वाहन से लगी चोटों के अलावा मारपीट के भी गंभीर निशान थे। इसके बाद पुलिस ने हादसे की थ्योरी के बजाय हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
परिवार ने पहले ही जताई थी हत्या की आशंका
अरविंद के पिता अजय सिंह ने पुलिस को बताया था कि 22 जून की शाम उसका दोस्त तरुण सिंह अरविंद को घर से लेकर गया था। ट्रांसपोर्टिंग के काम में ट्रक के लेन-देन को लेकर अरविंद का अजय शर्मा और हेमंत सिंह से विवाद चल रहा था। 23 जून की रात अरविंद ने फोन पर परिवार को बताया था कि वह करीब एक घंटे में घर लौट आएगा। उस समय उसने खुद के हेमंत सिंह और अजय शर्मा के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके कुछ देर बाद अजय शर्मा ने परिवार को फोन करके बताया कि अरविंद कार के सामने कूद गया था और उसे चोट लगी है। परिजन जब तोरवा चौक स्थित अस्पताल पहुंचे तो अरविंद की मौत हो चुकी थी। वहीं उसके दोनों साथी मौके से गायब थे। इसके बाद परिवार ने दोनों पर साजिश के तहत हत्या करने का संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी।पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस ने संदेह के आधार पर हेमंत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने अरविंद की हत्या की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि शराब पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर अरविंद और उसके दोस्तों के बीच विवाद बढ़ गया था। पुलिस के मुताबिक, हेमंत और उसके साथी ने अरविंद के साथ मारपीट की। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपितों ने वारदात छिपाने के लिए शव को कार से घसीटकर हाईवे पर डाल दिया, ताकि पुलिस और लोगों को यह सड़क दुर्घटना या हिट एंड रन का मामला लगे। जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पहले दर्ज एक्सीडेंट की धारा को हटाकर बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपित की तलाश कर रही है।

