Nasha Mukt Bharat Abhiyaan: नशामुक्त भारत अभियान और ‘मिशन स्पंदन’ के तहत सोमवार को आरंग स्थित बद्री प्रसाद कॉलेज में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रह्माकुमारीज़ आरंग के नेतृत्व में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और जीवन भर नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ ली।
सकारात्मक ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में करें उपयोग
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। मुख्य बातें:
- स्वास्थ्य पर असर: नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।
- सामाजिक और आर्थिक क्षति: नशे की लत से पारिवारिक खुशहाली और सामाजिक विकास में बड़ी बाधा उत्पन्न होती है।
- युवाओं से आह्वान: वक्ताओं ने युवाओं से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग विनाशकारी आदतों के बजाय सकारात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की।
नशामुक्त जीवन के मुख्य आधार
मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्यआर्थिक समृद्धि और सुरक्षित भविष्य
मजबूत और खुशहाल पारिवारिक रिश्ते
देशभर में 10 करोड़ प्रतिज्ञा का लक्ष्य
यह अभियान ब्रह्माकुमारीज़ के मेडिकल विंग, राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। अभियान के व्यापक प्रभाव को देखते हुए इसकी अवधि को बढ़ा दिया गया है। अब 24 से 31 अगस्त तक चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत देशभर में 10 करोड़ लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
मेरा भारत—नशामुक्त भारत
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर मेरा भारत—नशामुक्त भारत का नारा बुलंद किया। उपस्थित युवाओं ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे ही, साथ ही अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।इन्हें भी पढ़ें:-