समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से बचाने और लोगों को जागरूक करने में मीडिया हमेशा से एक बड़ा माध्यम रहा है। इसी सोच के साथ 'मेरा भारत—नशामुक्त भारत' अभियान के दौरान सामाजिक जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पत्रकार मोहनदास मानिकपुरी को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
40 स्कूलों में चलाया गया नशामुक्ति जागरूकता अभियान
आरंग ब्लॉक में 6 अगस्त से 20 अगस्त तक व्यापक स्तर पर नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत क्षेत्र के करीब 40 स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि इसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ता है। अलग-अलग स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में हजारों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन में नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने जीवनभर नशे से दूर रहने का संकल्प भी लिया।मीडिया की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में मौजूद ब्रह्माकुमारीज़ की बहनों और अन्य लोगों ने कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण माध्यम है। नशामुक्ति से जुड़े कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों को लगातार समाचारों में स्थान मिलने से अभियान का संदेश उन लोगों तक भी पहुंचता है, जो प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाते। इसी दिशा में पत्रकार मोहनदास मानिकपुरी द्वारा नशामुक्ति अभियान से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की गई। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि मीडिया, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों की सहभागिता से नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।