आरंग में संस्कृत सप्ताह का उत्साह, विद्यार्थियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा
आरंग के लखौली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संस्कृत सप्ताह के तहत भव्य शोभायात्रा निकाली गई। विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया। इस दौरान श्लोक, सूक्ति, शब्दकोश और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
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कीर्तिमान रिपोर्ट कमलेश साहू
21 Aug 2026, 05:01 PM
आरंग
देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने और छात्रों में इसके प्रति लगाव बढ़ाने के लिए रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखौली में संस्कृत सप्ताह का आयोजन हुआ। 21 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय परिसर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा रही, जिसमें पूरा गांव संस्कृतमय नजर आया।
गांव की गलियों में गूंजे नारे
शोभायात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साही नारों से वातावरण को भक्तिमय और ज्ञानवर्धक बना दिया। 'संस्कृतं ग्रामे ग्रामे, संस्कृतं वदतु वदतु' और 'जय हो सनातन संस्कृत भाषा' जैसे नारों से छात्रों ने ग्रामीणों को भाषा के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा में स्कूल के शिक्षकों के साथ गांव के सरपंच, शाला विकास समिति के पदाधिकारी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं में झलकी छात्रों की प्रतिभा
सप्ताह भर चले इस आयोजन में बच्चों के भाषाई कौशल को निखारने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं:
शब्दकोश एवं श्लोक प्रतियोगिता: इसमें छात्रों ने अपनी याददाश्त और उच्चारण क्षमता का प्रदर्शन किया।
सूक्ति एवं पोस्टर मेकिंग: इसके जरिए संस्कृत के अनमोल विचारों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
ऑनलाइन जुड़े विशेषज्ञ, दिया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में एनसीईआरटी के विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा ने ऑनलाइन जुड़कर विद्यार्थियों को संस्कृत के व्यावहारिक उपयोग और इसके संरक्षण के तरीके बताए। वहीं, खैरागढ़ विश्वविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा किलेस्कर ने बच्चों को आशीर्वचन देकर उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्कृत व्याख्याता निर्मला पांडेय की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत को अपने दिनचर्या से जोड़ने की प्रेरणा दी।
ग्रामीणों और शाला परिवार की रही बड़ी उपस्थिति
इस मौके पर प्रभारी प्राचार्य पंच राम साहू, शाला विकास समिति अध्यक्ष शिव कुमार चंद्राकर और सरपंच राजेंद्र टंडन सहित मिडिल व हाई स्कूल खौली का पूरा शिक्षक अमला मौजूद रहा। केदार साहू, सुनीता वर्मा, जयश्री यादव, पूजा साहू, विनीत देव, सरिता तिवारी, रश्मि शुक्ला और अन्य शिक्षकों व ग्रामीणों ने मिलकर संस्कृत को ग्राम-ग्राम तक पहुंचाने का संकल्प लिया।