नशामुक्त भारत अभियान : आरंग के 36 स्कूलों में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, विद्यार्थियों ने लिया संकल्प
आरंग ब्लॉक में ‘मेरा भारत—नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत 15 दिनों में 36 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 20 अगस्त को गोंइदा, मोखला और छटेरा के करीब 1100 विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
क
कीर्तिमान रिपोर्ट कमलेश साहू
20 Aug 2026, 07:45 PM
आरंग
समाज को नशे की लत से बचाने और युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के उद्देश्य से आरंग ब्लॉक में चलाया जा रहा 'मेरा भारत-नशामुक्त भारत' अभियान अब और व्यापक रूप लेने लगा है। 6 से 20 अगस्त के बीच आयोजित 15 दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम की भारी सफलता और छात्रों के उत्साह को देखते हुए आयोजकों ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत आरंग क्षेत्र के करीब 36 विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इनमें हजारों छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और न केवल खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाई।
1100 से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ लिया शुभ संकल्प
अभियान के मुख्य चरण के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंइदा, मोखला और छटेरा में सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसमें लगभग 1100 विद्यार्थियों ने एक साथ नशामुक्त जीवन जीने की शपथ ली। विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि और जिज्ञासा से यह साफ झलकता है कि आज की युवा पीढ़ी अपने स्वास्थ्य, पढ़ाई और भविष्य को लेकर बेहद सजग है।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम का संचालन आरंग स्थित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को नशे के कारण शरीर, मन, परिवार और आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी दी।नशे को ना, स्वस्थ जीवन को हां
बीके लता बहन (सेंटर इंचार्ज): उन्होंने कहा कि नशामुक्ति कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवन की सही दिशा चुनने की निरंतर प्रक्रिया है। जब युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को रचनात्मक कार्यों में लगाते हैं, तभी वे परिवार और देश की असली ताकत बनते हैं। बीके पिंकी बहन: छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य होना जरूरी है। उन्होंने हर छात्र से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और कम से कम एक अन्य व्यक्ति को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
आगे भी जारी रहेगा जागरूकता अभियान
15 दिनों तक चले इस सघन अभियान में स्थानीय शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन का भी भरपूर सहयोग मिला। अभियान के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए बीके मेडिकल विंग के सदस्यों ने इसे कुछ और दिनों के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया है, ताकि जो स्कूल या क्षेत्र छूट गए हैं, वहां तक भी यह संदेश पहुंचाया जा सके। आरंग से शुरू हुई यह पहल अब परिवारों और पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की नई उम्मीद जगा रही है।