NEET पेपर लीक : पीएम मोदी का बड़ा कदम, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं
NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद पर देश भर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों के जल्द निपटारे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Courts) का गठन किया जाएगा। यह बड़ा फैसला ऐसे समय में आया है जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 34 दिनों से छात्रों और युवाओं का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी NEET मामले की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी आंदोलन के समर्थन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
दोषियों पर जल्द होगी कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार के इस रुख को साफ किया। "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।"
युवाओं के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़
पीएम ने आगे जोर देते हुए लिखा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जंतर-मंतर से शुरू हुई चिंगारी बनी देशव्यापी आंदोलन
NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ गुस्सा अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा है। जंतर-मंतर से उठी यह आवाज अब देश के कोने-कोने में पहुंच चुकी है।
राज्यव्यापी प्रदर्शन: पटना, जयपुर, मुंबई से लेकर देश के कई प्रमुख शहरों में बुधवार को छात्रों और सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बढ़ता दबाव: देश भर में बढ़ते जन आक्रोश और छात्रों की चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार पर त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव था, जिसके बाद गुरुवार को पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का यह निर्णय लिया।
सरकार के इस कदम को छात्रों के भरोसे को बहाल करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।