देशभर में मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना लेकर 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने NEET UG 2026 परीक्षा दी है। अब सभी अभ्यर्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हैं। अच्छे अंक हासिल करने वाले छात्र प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में प्रवेश पाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि देश के कौन से मेडिकल कॉलेज शिक्षा, प्रशिक्षण और रिसर्च के मामले में सबसे आगे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी NIRF 2025 मेडिकल रैंकिंग के अनुसार, देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी मेडिकल संस्थानों में AIIMS दिल्ली ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। यह संस्थान उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और शोध कार्यों के लिए देशभर में पहचान रखता है। मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले अधिकांश छात्रों की पहली पसंद भी AIIMS दिल्ली ही माना जाता है।
टॉप-5 सरकारी मेडिकल संस्थानों की सूची
NIRF 2025 रैंकिंग के अनुसार देश के पांच प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थान इस प्रकार हैं—
- AIIMS, नई दिल्ली
- PGIMER, चंडीगढ़
- JIPMER, पुड्डुचेरी
- SGPGIMS, लखनऊ
- IMS-BHU, वाराणसी
इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उत्कृष्ट क्लिनिकल एक्सपोजर, अनुभवी फैकल्टी और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र इन कॉलेजों में प्रवेश पाने का प्रयास करते हैं।
मेडिकल शिक्षा के लिए क्यों खास हैं ये संस्थान
देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेज केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर भी मिलता है। इन संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए देश और विदेश में करियर की संभावनाएं भी बेहतर मानी जाती हैं। भारत में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश NEET-UG परीक्षा के माध्यम से ही दिया जाता है। परीक्षा में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेना होता है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा आयोजित की जाती है, जबकि राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य प्राधिकरण काउंसलिंग कराते हैं।
ऐसे होती है सीटों की अलॉटमेंट प्रक्रिया
काउंसलिंग के दौरान सीटों का आवंटन अभ्यर्थी की रैंक, श्रेणी, आरक्षण नियमों और कॉलेजों की पसंद के आधार पर किया जाता है। बेहतर रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों के पास देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग के प्रत्येक चरण पर छात्रों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। परीक्षा में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेना होता है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा आयोजित की जाती है, जबकि राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य प्राधिकरण काउंसलिंग कराते हैं।