नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से आयोजित नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई। इस देशव्यापी परीक्षा में शामिल होने के लिए भारत और विदेशों से कुल 22,80,054 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षा को लेकर आज सुबह से ही देश के अलग-अलग शहरों में बने सेंटर्स पर छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। एनटीए ने इस बार सुरक्षा और नियमों को लेकर खास गाइडलाइंस जारी की थीं, जिनका पालन न करने की वजह से कई जगहों पर छात्रों को परीक्षा से वंचित भी होना पड़ा।
परीक्षा में ले जाने की थी इन चीजों की अनुमति
एनटीए ने एडमिट कार्ड पर पहले ही साफ निर्देश दिए थे कि सभी छात्र तय समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं। गेट बंद होने के बाद किसी भी छात्र को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई, जिसके चलते कुछ जगहों पर देर से पहुंचे छात्र एग्जाम नहीं दे पाए। नियमों के मुताबिक, छात्रों को अपने साथ एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैध फोटो पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस लाने की अनुमति दी गई थी।
सुरक्षा के लिए लगाए गए जैमर और सीसीटीवी कैमरे
इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एनटीए ने कड़े इंतजाम किए थे। देशभर के 95,000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके साथ ही मोबाइल नेटवर्क और अन्य उपकरणों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए थे, जिनमें से 17,054 ईसीआईएल द्वारा और 34,257 बीईएल कंपनियों द्वारा तैयार किए गए थे। जैमर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल या इंटरनेट के सिग्नल को ब्लॉक कर देता है ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। इसके अलावा हर कमरे में दो कड़े निरीक्षक (इनविजिलेटर) और हर केंद्र पर 10 से ज्यादा एक्स्ट्रा अधिकारी तैनात रहे।
परीक्षा का समय और रफ वर्क के पन्ने बढ़े
छात्रों की सहूलियत के लिए एनटीए ने इस बार परीक्षा के समय में भी बदलाव किया था। परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट कर दिया गया था। इसके साथ ही प्रश्न पत्र की बुकलेट में रफ काम करने के लिए भी जगह बढ़ाई गई थी। अब छात्रों को दो के बजाय चार खाली पन्ने दिए गए। विशेष रूप से बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों की सुविधा के लिए इस बार दो खाली पन्ने बुकलेट की शुरुआत में निर्देशों के ठीक बाद और बाकी दो पन्ने आखिरी में दिए गए थे।
छात्रों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर ही रुके रहे प्रधानमंत्री
परीक्षा के दिन छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका एक बड़ा उदाहरण राजधानी में देखने को मिला। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। आम तौर पर वे वहां से तुरंत लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो जाते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। चूंकि नीट परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी, इसलिए प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया ताकि उनके काफिले की वजह से सड़कों पर ट्रैफिक न लगे और परीक्षा देने जा रहे किसी भी छात्र को सेंटर तक पहुंचने में कोई देरी या दिक्कत न हो। परीक्षा शुरू होने के बाद ही वे अपने आवास के लिए रवाना हुए।