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सल्फास गैस हादसे में प्रभावित बच्चे
सल्फास गैस हादसे में प्रभावित बच्चे
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सल्फास गैस का कहर : 5 साल के मासूम की मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के आनु गांव में अनाज में रखी गई सल्फास दवा से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से चार बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 5 वर्षीय धर्मेंद्र की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का उपचार जारी है। मामले की जांच में सल्फास दवा के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है और प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 21 Jun 2026, 06:08 PM · अपडेट: 03 Oct 2026, 02:26 AM
मध्य प्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। हिण्डोरिया थाना क्षेत्र के आनु गांव में अनाज को कीटों से बचाने के लिए रखी गई जहरीली दवा की वजह से एक मासूम बच्चे की जान चली गई, जबकि उसके तीन भाई-बहन गंभीर रूप से बीमार हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, घर के एक कमरे को अनाज रखने के लिए स्टोर रूम बनाया गया था। इसी कमरे में गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए सल्फास दवा रखी गई थी। स्टोर रूम से लगे कमरे में माखन की पत्नी अपने चार बच्चों के साथ सो रही थी। रात के दौरान दवा से निकलने वाली जहरीली गैस और तेज दुर्गंध धीरे-धीरे कमरे में फैल गई, जिससे परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी।

चारों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया

सुबह बच्चों की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान पांच वर्षीय धर्मेंद्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं रीना, दिनेश और दीपक का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गेहूं में रखी गई कीटनाशक दवा से निकल रही तेज गैस और दुर्गंध के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। उनका आरोप है कि इसी जहरीले प्रभाव के चलते यह हादसा हुआ। घटना के बाद गांव के लोग भी दहशत में हैं और कई परिवारों ने अपने घरों में रखी ऐसी दवाओं की जांच शुरू कर दी है।

मां की तबीयत भी बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

बच्चों के साथ उनकी मां की तबीयत भी खराब हो गई थी। सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। 

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गेहूं में रखी गई दवा सल्फास थी, जिसे अत्यंत खतरनाक कीटनाशक माना जाता है। अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दवा का उपयोग किस प्रकार किया गया था और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

कृषि एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सल्फास अनाज संरक्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक शक्तिशाली दवा है। इससे निकलने वाली गैस बंद कमरों में बेहद घातक साबित हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक इसके संपर्क में रहता है तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की दवाओं का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें और उन्हें आवासीय कमरों से दूर रखें। पांच वर्षीय बच्चे की मौत के बाद आनु गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की पूरी जांच कर जिम्मेदार परिस्थितियों की पहचान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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