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परिजनों का अस्पताल में विरोध
परिजनों का अस्पताल में विरोध
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर

लापरवाही : हार्ट अटैक मरीज को 6 घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, रास्ते में तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में 220-बिस्तर वाले सिविल अस्पताल की लापरवाही से 60 वर्षीय श्यामा बाई की हार्ट अटैक के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में उन्हें रायपुर के भीमराव अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन 108 एंबुलेंस छह घंटे तक नहीं आई। देर रात एंबुलेंस पहुंचने पर मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
11 Jun 2026, 03:42 PM
मनेंद्रगढ़

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय स्थित 220 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। नई लेदरी निवासी 60 वर्षीय श्यामा बाई को हार्ट अटैक आने के बाद शाम करीब 6 बजे अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर स्थित भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) के लिए तत्काल रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि रेफरल के तुरंत बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन से 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस की मांग की, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। लगातार गुहार लगाने के बावजूद एंबुलेंस कई घंटों तक नहीं पहुंची, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार, करीब छह घंटे के लंबे इंतजार के बाद आधी रात को एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जैसे ही मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया, श्यामा बाई ने दम तोड़ दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और गहरा आक्रोश फैल गया।

परिजनों का हंगामा और प्रशासन पर गंभीर आरोप

मरीज की मौत के बाद परिजनों ने शव को एंबुलेंस में ही रखकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस सेवा व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

मामले के तूल पकड़ने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवा में गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय नागरिक और मरीज परिवारों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस न मिलने की समस्या पहले भी सामने आती रही है।

परिवार और समाज में गहरा आघात

इस दर्दनाक मौत ने न केवल परिवार को अपूरणीय क्षति दी है, बल्कि समाज में भी चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं की असमर्थता और लापरवाही के कारण आम लोगों में भरोसा कम होता जा रहा है। प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है।

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