क्या है पूरा मामला और नेहा बोरा का बयान?
नेहा बोरा ने अपने संदेश में कहा:
क्रांति का रास्ता: बांग्लादेश के युवाओं के आंदोलन ने दुनिया को क्रांति का एक नया रास्ता दिखाया है।
समान संघर्ष: जिस तरह बांग्लादेश के युवा धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, उसी तरह भारत के युवा भी मौजूदा मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर हैं।
प्रेरणा लेने की बात: उन्होंने बांग्लादेशी छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए भारतीय युवाओं को उनके आंदोलन और संघर्षों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि बांग्लादेश का 'सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट' वही संगठन है जो जुलाई 2024 के उस हिंसक छात्र आंदोलन का मुख्य हिस्सा था, जिसके बाद शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़कर देश से भागना पड़ा था। नेहा बोरा द्वारा इसी 'जुलाई विद्रोह' से सीख लेने की बात कहने पर अब राजनीतिक भूचाल आ गया है।
बीजेपी का पलटवार: राहुल गांधी को बताया जिम्मेदार
नेहा बोरा का यह बयान सार्वजनिक होते ही बीजेपी ने इसे हाथों-हाथ लिया और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर दिया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेहा बोरा को राहुल गांधी की 'पोस्टर गर्ल' करार दिया। भंडारी ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा का यह बयान कांग्रेस की मूल सोच और उसकी पर्दे के पीछे की राजनीति को उजागर करता है। बीजेपी का कहना है कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ इस तरह बांग्लादेशी तख्तापलट जैसे आंदोलनों से प्रेरणा लेने की बात करना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने सीधा सवाल पूछा है कि क्या राहुल गांधी भी भारत में इसी तरह की अराजकता और विरोध की राजनीति का समर्थन करते हैं? फिलहाल, चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा का यह संदेश विपक्ष के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर हमलावर है।







