अखिल भारतीय गोंड़ समाज 18 गढ़ के दाईजबांधा सर्कल की पहल पर ग्राम मोंगरापाली में रविवार को भेखराम ठाकुर और ओनिका ठाकुर का आदर्श विवाह संपन्न हुआ। विवाह बूढ़ादेव की पावन साक्षी में समाज की परंपरागत रीति-रिवाजों और सामाजिक विधि-विधान के अनुसार कराया गया।
समाज के अनुसार यह आयोजन केवल एक वैवाहिक समारोह नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय, धैर्य, संगठनात्मक एकता और समाज के प्रति विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया। जानकारी के मुताबिक नवयुगल पिछले करीब छह माह से विवाह के लिए प्रयासरत था, लेकिन कुछ सामाजिक परिस्थितियों के कारण दोनों परिवारों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
समाज के समक्ष रखा गया विवाह का आवेदन
कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोनों परिवारों ने समाज की परंपराओं, संविधान और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखा। नवयुगल ने दाईजबांधा सर्कल के समक्ष संयुक्त आवेदन प्रस्तुत कर विवाह के लिए न्यायपूर्ण निर्णय की अपेक्षा जताई।
दाईजबांधा सर्कल ने लिया ऐतिहासिक निर्णय
मामले पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद दाईजबांधा सर्कल ने समाजहित, न्याय और परंपराओं के अनुरूप विवाह कराने का निर्णय लिया। बूढ़ादेव की पावन साक्षी और समाज की खुली सभा के बीच यह विवाह संपन्न कराया गया। समाजजनों ने इस निर्णय का तालियों के साथ स्वागत किया।
समाज में न्याय और समानता की जीत
दाईजबांधा सर्कल के अध्यक्ष मनोहर ठाकुर ने कहा कि यह आयोजन केवल दो युवाओं के वैवाहिक बंधन का अवसर नहीं है, बल्कि समाज में न्याय, समानता, संगठन और सामाजिक जिम्मेदारी की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज का संचालन किसी व्यक्ति विशेष की इच्छा से नहीं, बल्कि संविधान, परंपरा और सामूहिक निर्णयों से होता है।
नवदंपति को मिली 5 हजार की प्रोत्साहन राशि
दाईजबांधा सर्कल की ओर से नवविवाहित भेखराम ठाकुर और ओनिका ठाकुर को समाज के प्रति आस्था, धैर्य और अनुकरणीय आचरण के लिए 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। साथ ही समाजजनों ने उन्हें सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
आदर्श विवाह कर समाज के सामने रखी मिसाल
वरिष्ठ सामाजिक प्रमुख नैन सिंग ठाकुर ने कहा कि दाईजबांधा सर्कल ने ऐतिहासिक पहल करते हुए आदर्श विवाह संपन्न कराया है। उन्होंने इसे समाज में भाईचारा, न्याय और एकता को मजबूत करने वाला कदम बताया।