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ड्रोन स्प्रेयर प्रदर्शन करते अधिकारी व किसान
ड्रोन स्प्रेयर प्रदर्शन करते अधिकारी व किसान
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नई उड़ान : PACS समितियों से ड्रोन सेवा की शुरुआत

धमतरी जिले ने कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में ड्रोन स्प्रेयर सेवा की शुरुआत की है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल के साथ धमतरी देश का पहला जिला बन गया है, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक का सफल प्रदर्शन किया गया, जिसमें उर्वरक व कीटनाशकों के सटीक छिड़काव,

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
02 Jun 2026, 12:32 PM
रायपुर

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने और किसानों को वैज्ञानिक व उन्नत खेती से जोड़ने की दिशा में जिला धमतरी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा की शुरुआत की गई है। इस पहल के साथ धमतरी देश का पहला जिला बन गया है, जहां सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज समिति लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने इस महत्वाकांक्षी पहल का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सभी 10 समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों द्वारा ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उर्वरक एवं कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, समय की बचत, लागत में कमी तथा बेहतर कृषि प्रबंधन की उपयोगिता को विस्तार से प्रदर्शित किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना एक अभिनव प्रयास है।

डिजिटल और बहुउद्देशीय सेवा केंद्र

इस पहल की विशेषता यह भी है कि CSC e-Governance के सहयोग से PACS समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को एक ही स्थान पर ड्रोन स्प्रेयर सहित विभिन्न डिजिटल और शासकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ सहकारी समितियां बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव संभव होगा। इससे रसायनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा और किसानों का श्रम व लागत दोनों कम होंगे। खेतों में सीधे प्रवेश की आवश्यकता घटने से फसलों को नुकसान की संभावना भी कम होगी। यह पहल कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी तैयार करेगी।

समितियों में शुरू हुई सुविधा

जिले में जिन PACS समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है, उनमें बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही तथा करेली शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को आवश्यकता अनुसार ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती संत कुमारी किरण साहू, उप संचालक कृषि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, समिति के प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक, CSC DM  विनय गिरि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला धमतरी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में ड्रोन स्प्रेयर सेवा प्रारंभ की गई है।

तकनीक का सफल प्रदर्शन

लोहरसी समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान सभी 10 समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों को बताया गया कि कैसे ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों का सटीक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र कवर करना और लागत में उल्लेखनीय कमी संभव है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ड्रोन तकनीक से खेती अधिक वैज्ञानिक, तेज और कम लागत वाली बनेगी। उन्होंने कहा कि जिले के हर किसान को नई तकनीकों का लाभ दिलाकर उनकी आय और उत्पादन दोनों बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

डिजिटल सेवा केंद्र

इस योजना के तहत PACS समितियों को CSC e-Governance के सहयोग से कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को एक ही स्थान पर कृषि सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल एवं सरकारी सेवाएं भी मिल सकेंगी। यह मॉडल ग्रामीण सेवा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक से कृषि कार्यों में समय और संसाधनों की बड़ी बचत होगी। इससे खेतों में समान रूप से छिड़काव संभव होगा, रसायनों का संतुलित उपयोग होगा और फसल को नुकसान का जोखिम कम होगा। साथ ही यह तकनीक ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर भी खोलेगी।

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