Wednesday, 10 Jun 2026 भारत
W 𝕏 f
होम राजनीति थमा नहीं घमासान : डीके शिवकुमार की ताजपोशी के बाद…
कर्नाटक कांग्रेस असंतोष
कर्नाटक कांग्रेस असंतोष
राजनीति Featured

थमा नहीं घमासान : डीके शिवकुमार की ताजपोशी के बाद विभागों के बंटवारे पर रार, इस्तीफे के ड्रामे से हिली कांग्रेस

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर D. K. Shivakumar की ताजपोशी के बाद भी Indian National Congress की अंदरूनी कलह खत्म नहीं हुई है। विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष खुलकर सामने आया, जब वरिष्ठ नेता Ramalinga Reddy ने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया। हालांकि आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया, लेकिन इस घटनाक्रम ने नई सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कीर्तिमान न्यूज
07 Jun 2026, 01:35 PM
बेंगलुरु

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान को खत्म करने के लिए आलाकमान ने आखिरकार 'सिद्धारमैया युग' का अंत करते हुए डीके शिवकुमार को सूबे की कमान सौंप दी। कयास लगाए जा रहे थे कि इस बड़े बदलाव से पार्टी के भीतर सब कुछ शांत हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मुख्यमंत्री की कुर्सी बदलते ही कर्नाटक कांग्रेस में असंतोष की एक नई और पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक लहर दौड़ गई है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के महज कुछ ही दिनों के भीतर मंत्रियों के बीच 'मलाईदार विभागों' के बंटवारे को लेकर मचे घमासान ने आलाकमान की रातों की नींद उड़ा दी है।

रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा और बैकफुट पर आलाकमान

विवाद की सबसे बड़ी और तात्कालिक वजह मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन बनी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कद्दावर चेहरे रामलिंगा रेड्डी को जो विभाग सौंपा गया, उससे वे इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने सीधे अपने पद से इस्तीफा देकर पूरी सरकार को ही संकट में डाल दिया।

सूत्रों के मुताबिक, इस बगावत के पीछे की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • प्रभावशाली मंत्रालयों की होड़: नई सरकार के गठन के बाद कई दिग्गजों की नजर बेंगलुरु विकास (Bengaluru Development), राजस्व (Revenue) और जल संसाधन (Water Resources) जैसे बेहद रसूखदार और भारी-भरकम बजट वाले मंत्रालयों पर टिकी थी।

  • अपेक्षाओं पर पानी फिरना: मनमुताबिक विभाग न मिलने से वरिष्ठ नेताओं को लगा कि नई व्यवस्था में उनकी अनदेखी की जा रही है।

  • इमरजेंसी लैंडिंग: रामलिंगा रेड्डी के कड़े रुख को देखते हुए दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक कांग्रेस आलाकमान तुरंत एक्शन में आया। डैमेज कंट्रोल के लिए मैराथन बैठकों का दौर चला। आखिरकार, आलाकमान के दखल और वरिष्ठ नेताओं की मान-मनौव्वल के बाद रेड्डी ने अपना इस्तीफा वापस तो ले लिया, लेकिन इस घटनाक्रम ने सरकार की शुरुआत पर एक बड़ा सियासी दाग लगा दिया है।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

"यह सिर्फ एक मंत्री की नाराजगी नहीं, बल्कि डीके शिवकुमार के लिए 'कांटों का ताज' है।"

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कर्नाटक का यह घटनाक्रम किसी एक नेता के असंतोष तक सीमित नहीं है। असल में, सिद्धारमैया को हटाकर डीके शिवकुमार को सीएम बनाना सत्ता का केवल आधा ट्रांसफर है; असली चुनौती विभिन्न गुटों (सिद्धारमैया गुट बनाम डीके गुट) के बीच संतुलन बनाए रखने की है।

विश्लेषकों ने आने वाले दिनों के लिए मुख्य रूप से दो बड़ी चुनौतियां रेखांकित की हैं:

  1. कैबिनेट विस्तार की तलवार: नई सरकार में अभी भी कई मंत्री पद खाली हैं। आने वाले दिनों में जब भी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और बची हुई जिम्मेदारियां बांटी जाएंगी, असंतोष की यह चिंगारी फिर से भड़क सकती है।

  2. विपक्ष को मिला बड़ा हथियार: सरकार के शुरुआती दिनों में ही सामने आई इस फूट ने मुख्य विपक्षी दल (बीजेपी) को आक्रामक होने का मौका दे दिया है। विपक्ष अब लगातार सरकार के स्थायित्व पर सवाल उठा रहा है।

'सब ठीक है' का दावा, मगर अंदरूनी सुगबुगाहट तेज

हालांकि, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया के सामने आकर बेहद सधे हुए अंदाज में दावा किया है कि, "सभी मतभेद पूरी तरह सुलझा लिए गए हैं और हमारी सरकार पांच साल तक एकजुट होकर जनता के लिए काम करेगी।"

लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि यह शांति केवल ऊपरी है। विभागों को लेकर शुरू हुई यह जंग आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक नए 'शीत युद्ध' का रूप ले सकती है, जिससे पार पाना नए सीएम के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें