Onion and LPG prices: रसोई से लेकर वाहन चलाने तक, रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई चीजों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चीनी, दूध और खाद्य तेल के बाद अब प्याज के दाम में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में हुई वृद्धि का असर भी घरेलू बजट पर साफ नजर आ रहा है।
31 अगस्त को दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव करीब 62 रुपए प्रति किलोग्राम बताया जा रहा है। पिछले साल इसी अवधि में प्याज लगभग 33 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा था। यानी एक साल के भीतर इसकी कीमत में करीब दोगुना उछाल आया है। पिछले महीने देश की मंडियों में प्याज का औसत भाव लगभग 35 रुपए प्रति किलोग्राम रहा था।
मुंबई में मंहगा होगा दुध
मुंबई में दूध की कीमत में भी बढ़ोतरी होने जा रही है। फिलहाल होलसेल मार्केट में दूध करीब 93 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। 1 सितंबर से प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद इसका भाव 102 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाएगा। हरा चारा और चूनी समेत पशु आहार की लागत बढ़ने को कीमतों में वृद्धि की प्रमुख वजह बताया गया है। त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ी कीमतों ने भी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
LPG सिलेंडर भी हुआ मंहगा
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में भी इस साल बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में करीब 79 रुपए की वृद्धि बताई जा रही है। पिछले साल 8 अप्रैल को दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रुपए का था, जो अब बढ़कर करीब 942 रुपए तक पहुंच गया है। होटल, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बड़ा बदलाव हुआ है।चीनी की दाम ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली में चीनी का भाव फिलहाल करीब 62 रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि एक साल पहले यह लगभग 45 रुपए प्रति किलोग्राम था। कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने घरेलू बाजार में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति भी दी है। खाने में इस्तेमाल होने वाले सरसों के तेल की कीमत भी खुदरा बाजार में 200 रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ रहा है, खासकर उन परिवारों पर जिनकी रोजमर्रा की खपत अधिक है।
बढ़ती कीतमों से घरेलू बजट बिगड़ा
1 दिसंबर 2025 को दिल्ली में इसका भाव 1,580.50 रुपए था। बाद में दो बार कीमतों में कटौती के बावजूद इसका मौजूदा भाव करीब 2,738 रुपए तक पहुंच गया है। खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन और रसोई गैस तक कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से आम परिवारों के खर्च का दबाव बढ़ रहा है। प्याज, चीनी और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने के साथ पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में बदलाव का असर भी दूसरे घरेलू खर्चों पर पड़ रहा है।पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इस साल बढ़ोतरी देखने को मिली है। करीब चार साल बाद मई में लगातार चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे। इसके बाद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ।

