छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई कई चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 32 लाख रुपए बरामद किया है। बरामद सामान में सोने-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार और वाहन शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान जामुल स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी अनुराग मिश्रा और कैलाश नगर निवासी तुषार मिश्रा के रूप में की है। दोनों के कब्जे से 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के जेवर, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, दो चारपहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन जब्त किया गया है।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया था। इसके तहत रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई गई, जगह-जगह नाकेबंदी की गई और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। साथ ही चोरी की घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान शुक्रवार रात पुलिस टीम ने एक संदिग्ध सफेद इंडिगो कार को रोककर तलाशी ली। वाहन से चोरी का सामान और वारदात में उपयोग किए जाने वाले औजार मिले। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।ऑनलाइन कर्ज में फंसा, बना चोर
दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम करता था। वह वर्ष 2011 से इस क्षेत्र में कार्यरत था और उसकी मासिक आय करीब 60 से 70 हजार रुपए थी। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन लोन ऐप्स से लिए गए कर्ज और बढ़ते ब्याज के चलते वह आर्थिक परेशानियों में घिर गया।
इसके बाद उसने चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए सोने के आभूषणों को अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर पैसे हासिल करता था।