अमेरिका में अवैध प्रवासियों और बिना वैध दस्तावेज़ों के काम कर रहे लोगों के खिलाफ बाइडन प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है। यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) विभाग द्वारा चलाए गए एक बड़े फेडरल अभियान के तहत 30 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी अमेरिका में कमर्शियल ट्रक ड्राइवर (सेमी-ट्रक) के तौर पर काम कर रहे थे। प्रशासन अब इन सभी को भारत वापस डिपोर्ट (देश से बाहर भेजने) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर चुका है।
क्या है 'ऑपरेशन चेकमेट'?
यूएस बॉर्डर पेट्रोल एजेंट्स द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एरिजोना के यूमा सेक्टर (Yuma Sector) में की गई। इस विशेष अभियान को 'ऑपरेशन चेकमेट' नाम दिया गया था, जो 11 मई से 15 मई के बीच चलाया गया।
इस पांच दिवसीय सघन चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य उन प्रवासियों को पकड़ना था जो बिना वैध वर्क परमिट या वीज़ा के अमेरिकी हाईवे और कमर्शियल रूट पर भारी वाहन चला रहे थे।
कार्रवाई का मुख्य विवरण
| श्रेणी | संख्या | विवरण |
| कुल गिरफ्तारियां | 52 लोग | अवैध रूप से अमेरिका में रहने और काम करने के आरोप में |
| भारतीय नागरिक | 30 लोग | गिरफ्तार किए गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की |
| कमर्शियल ड्राइवर | 36 लोग | जो मौके पर सेमी-ट्रक (भारी वाहन) चलाते हुए पकड़े गए |
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और ताज़ा अपडेट
यूएस बॉर्डर प्रोटेक्शन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कमर्शियल ट्रकिंग सेक्टर में अवैध प्रवासियों का काम करना एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) के लिए कड़े बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की ज़रूरत होती है, जिसे ये लोग बाईपास कर रहे थे।
ताज़ा स्थिति: गिरफ्तार किए गए सभी 30 भारतीयों को फिलहाल इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अमेरिकी आव्रजन वकीलों के अनुसार, इन्हें 'एक्सपेडाइटेड रिमूवल' (त्वरित निष्कासन) प्रक्रिया के तहत जल्द ही भारत डिपोर्ट किया जा सकता है।
बढ़ रहा है भारतीयों का अवैध रूप से अमेरिका जाने का चलन
हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में 'डंकी रूट' (अवैध रास्तों) के ज़रिए मेक्सिको बॉर्डर पार कर अमेरिका में घुसने वाले भारतीयों की संख्या में भारी उछाल आया है। अमेरिका अब इन अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने के लिए चार्टर्ड उड़ानों के ज़रिए सीधे डिपोर्टेशन की कार्रवाई को अंजाम दे रहा है, और 'ऑपरेशन चेकमेट' इसी सख्त नीति का हिस्सा है।
