कुदरत का कहर : नुरिस्तान में बाढ़ से भारी तबाही, 100 से अधिक मौतों की आशंका, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
अफगानिस्तान के नुरिस्तान प्रांत में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 100 से अधिक लोगों की मौत की आशंका है, जबकि सैकड़ों लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं। भारत ने मानवीय सहायता के तहत खाद्य सामग्री, दवाइयां और टेंट भेजे हैं, जिस पर तालिबान प्रशासन ने भारत का धन्यवाद किया है।
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कीर्तिमान न्यूज
22 Jul 2026, 11:03 AM
काबुल
पूर्वी अफगानिस्तान का पहाड़ी इलाका नुरिस्तान इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा के दौर से गुजर रहा है। सोमवार को आई अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) ने पूरे प्रांत में भारी तबाही मचाई है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस त्रासदी में 100 से भी ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि सैकड़ों लोग लापता और घायल बताए जा रहे हैं।
आपदा की इस घड़ी में भारत ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अफगानिस्तान के लिए तुरंत राहत सामग्री भेजी है, जिसके लिए तालिबान प्रशासन ने भारत का आभार व्यक्त किया है। स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन की टीमों के अनुसार, बाढ़ के कारण कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। प्रांतीय राजधानी पारुन समेत कई क्षेत्र इस आपदा की सीधी चपेट में आए हैं।
वरिष्ठ अफगान पत्रकार बिलाल सरवरी ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि:
पारुन में तबाही: अकेले पारुन क्षेत्र में कम से कम 100 लोगों की जान जाने की खबर है।
घायल और लापता: 500 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जबकि 160 से ज्यादा लोग अभी भी मलबे या पानी के तेज बहाव में लापता हैं।
संपर्क पूरी तरह ठप: पहाड़ी इलाका होने के कारण मंडोल और दुआ-आब जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क टूट चुका है। सड़कें बह गई हैं और संचार व्यवस्था (कम्युनिकेशन नेटवर्क) पूरी तरह ठप है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
भेजी गई राहत सामग्रीभारत से अफगानिस्तान भेजी गई राहत सामग्री
दुर्भाग्यवश, इस आपदा में पारुन के मेयर सैयद अहमद अरहबी की भी जान चली गई है। स्थानीय नेतृत्व के इस नुकसान से आपदा प्रबंधन की शुरुआती प्रतिक्रिया और कमजोर पड़ गई है। अफगानिस्तान के इस मुश्किल वक्त में भारत एक बार फिर मदद के लिए आगे आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणदीप जायसवाल ने जानकारी दी कि भारत की ओर से राहत सामग्री की एक बड़ी खेप अफगानिस्तान भेजी गई है।
"इस राहत सामग्री में आवश्यक खाद्य पदार्थ, दवाइयां और आपातकालीन टेंट शामिल हैं। यह सामान प्रभावित परिवारों तक तुरंत पहुंचाने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंप दिया गया है। भारत इस कठिन समय में अफगान लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।" — रणदीप जायसवाल, प्रवक्ता (विदेश मंत्रालय, भारत)
भारत सरकार को दिया धन्यवाद
भारत की इस त्वरित सहायता पर प्रतिक्रिया देते हुए तालिबान के अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर भारत सरकार का धन्यवाद किया है। नुरिस्तान का इलाका अपनी कठिन भौगोलिक बनावट के कारण अक्सर बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का शिकार बनता रहा है। हाल के वर्षों में यहाँ बार-बार आई बाढ़ ने स्थानीय अर्थव्यवस्था और ढाँचे को बुरी तरह प्रभावित किया है।
विभाग ने जारी की चेतावानी
तबाही के इस मंजर के बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अफगानिस्तान के 34 में से 10 अन्य प्रांतों में भी मौसम और खराब हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बचाव दल फिलहाल सीमित संसाधनों के बावजूद मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं।