Parandur Airport Project: तमिलनाडु की राजनीति में परंदूर एयरपोर्ट परियोजना एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में परियोजना को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार परंदूर में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को स्थापित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को वापस ले रही है। इसके साथ ही उन्होंने परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले विजय ने परंदूर एयरपोर्ट परियोजना का विरोध किया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने सत्ता में आने पर इस परियोजना को रोकने का वादा किया था। अब विधानसभा में किए गए ऐलान को उसी चुनावी वादे से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधानसभा में CM विजय ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि सरकार परंदूर एयरपोर्ट की योजना को वापस ले रही है। उन्होंने परियोजना के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से किए गए वादे को पूरा करने के लिए सरकार परंदूर में नया हवाई अड्डा स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदमों को वापस लेगी।
लंबे समय से हो रहा था परियोजना का विरोध
परंदूर में नया एयरपोर्ट बनाने की योजना सामने आने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इसका विरोध होता रहा है। परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोग जमीन, आजीविका और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। यह मुद्दा धीरे-धीरे राजनीतिक रूप भी लेता गया। चुनाव के दौरान विजय ने स्थानीय लोगों की मांग का समर्थन करते हुए परियोजना के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट किया था।
चुनाव से पहले किया था वादा
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने कहा था कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अब सरकार की ओर से इसे वापस लेने की घोषणा के बाद समर्थक इसे चुनावी वादा पूरा करने के तौर पर देख रहे हैं। इस फैसले से परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही राज्य में भविष्य की विमानन जरूरतों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
विपक्ष ने फैसले पर उठाए सवाल
सरकार के ऐलान के बाद विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी है। DMK नेता थंगम थेन्नारासु ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए हवाई संपर्क को तमिलनाडु की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। विपक्ष का तर्क है कि राज्य की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त एयरपोर्ट क्षमता आवश्यक है। ऐसे में परंदूर परियोजना को वापस लेने के बाद सरकार इसका विकल्प क्या पेश करती है, इस पर अब नजर रहेगी।
अब वैकल्पिक एयरपोर्ट योजना पर नजर
परंदूर परियोजना को लेकर सरकार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की एयरपोर्ट क्षमता का है। मौजूदा हवाई यातायात में बढ़ोतरी को देखते हुए नई क्षमता विकसित करने की जरूरत लंबे समय से चर्चा में रही है।
ऐसे में परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को वापस लेने के बाद सरकार नई जगह या किसी वैकल्पिक योजना पर आगे बढ़ती है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।