ग्राम जम्हारी के शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल में विषय शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार को पालकों, शाला विकास समिति के सदस्यों और विद्यार्थियों ने स्कूल में तालाबंदी कर विद्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना-प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे तक जारी रहा।
सन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा समझाइश और आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। यदि शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो 10 जुलाई को भी तालाबंदी और आंदोलन जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षकों की कमी, बच्चों भविष्य अधर में
जानकारी के अनुसार, नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत में स्कूल के दो शिक्षकों का अन्यत्र स्थानांतरण हो गया। इसके बाद लगभग 150 विद्यार्थियों की पढ़ाई का जिम्मा केवल तीन शिक्षकों पर आ गया है। इससे नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है तथा विज्ञान एवं अन्य विषयों की पढ़ाई बाधित होने लगी है। पालकों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है।

मांगों पर डटे रहे पालक
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीकमचंद पटेल तथा तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पालकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया तथा शीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद पालक अपनी मांग पर कायम रहे और शाम तक धरना जारी रखा।
टीसी लेकर दूसरे स्कूलों में लेंगे प्रवेश
विद्यार्थियों ने बताया कि गांव में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल होने के कारण उन्होंने कक्षा 12वीं तक यहीं अध्ययन करने और अपनी पसंद के विषयों से पढ़ाई करने का निर्णय लिया था। लेकिन विषय शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई विद्यार्थियों ने कहा कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो वे स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) लेकर अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन को देखते हुए उन्होंने कुछ दिन और इंतजार करने का निर्णय लिया है।
15 दिनों का अल्टीमेटम भी समाप्त
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर 23 जून को कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में विषय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पालकों और विद्यार्थियों ने मजबूर होकर तालाबंदी और प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
आंदोलन निजी ने बच्चों के भविष्य के लिए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो बड़ी संख्या में विद्यार्थी दूसरे विद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं, जिससे गांव के स्कूल में छात्र संख्या भी प्रभावित होगी। पालकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है।
जाएगी व्यवस्था: विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीकमचंद पटेल
विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीकमचंद पटेल ने बताया कि स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिलते ही वे तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर पालकों और विद्यार्थियों को आश्वस्त किया गया है कि 10 जुलाई से स्थानीय स्तर पर दो शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो सके। अब सभी की निगाहें इस आश्वासन के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।