सिंगरौली जिला देश की प्रमुख ऊर्जा नगरी के रूप में जाना जाता है। कोयला, बिजली और खनिज संपदा के कारण यह जिला प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है। हर साल सिर्फ खनिज विभाग से करीब 2 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्रदेश सरकार को देने वाले सिंगरौली में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखाई देता है। सड़क, स्वास्थ्य सुविधा और परिवहन व्यवस्था की कमी से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में सामने आई दो दर्दनाक तस्वीरों ने सिंगरौली के विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि हरफरी गांव निवासी बाबूलाल सिंह के 8 वर्षीय बेटे को सांप ने काट लिया था।
बेटे की लाश लेकर निकला पिता
परिजन उसे इलाज के लिए चितरंगी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पिता ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
मजबूरी में पिता अपने मासूम बेटे की लाश को बाइक पर रखकर करीब 10 किलोमीटर दूर अपने गांव तक ले जाने के लिए निकल पड़ा। यह दृश्य देखकर लोगों का दिल दहल गया। जिस जिले से सरकार को हजारों करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है, वहां एक पिता को अपने बेटे का शव बाइक पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
खराब सड़क बनी परेशानी
दूसरी घटना देवसर विधानसभा क्षेत्र के सरई तहसील अंतर्गत दुधमनिया गांव की है। यहां भी एक परिवार को ऐसी पीड़ा से गुजरना पड़ा, जिसने जिले की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी। जानकारी के मुताबिक राज मोहन सिंह के 16 वर्षीय बेटे अर्जुन सिंह की मौत हो गई थी। परिजन वाहन से शव को गांव ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका। हालात इतने खराब थे कि परिजनों को मजबूरी में बेटे के शव को खाट पर रखकर पैदल ले जाना पड़ा। बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचने वाली सड़क की हालत इतनी खराब थी कि अंतिम यात्रा के दौरान भी परिवार को संघर्ष करना पड़ा।वायरल तस्वीरो पर खड़े किए सवाल
सिंगरौली की इन दोनों घटनाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोगों का कहना है कि एक ओर जिले की खनिज संपदा से सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हर चुनाव में विकास और बेहतर सुविधाओं के वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी तस्वीरें कई बार अलग कहानी बयां करती हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की चुनौती खड़ी कर दी है।