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बागबाहरा जंगल में मिली सरकारी दवाइयों का ढेर
बागबाहरा जंगल में मिली सरकारी दवाइयों का ढेर
महासमुंद

लापरवाही का ढेर : सड़क किनारे लावारिस पड़ी मिली सरकारी दवाइयां, जांच के घेरे में स्वास्थ्य विभाग

महासमुंद जिले के बागबाहरा-कोमाखान मुख्य मार्ग किनारे जंगल में बड़ी मात्रा में सरकारी आपूर्ति वाली दवाइयां लावारिस हालत में मिली हैं। मौके पर टैबलेट, सिरप और मेडिकल सामग्री बिखरी मिली, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

कीर्तिमान न्यूज
20 Jul 2026, 07:39 AM
महासमुंद
सड़क किनारे जंगल के रास्ते और लावारिस पड़ी सरकारी दवाइयों ने सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग जांच के घेरे में आ गया है। जनता के टैक्स से खरीदी गई दवाइयां इस तरह खुले में मिलने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महासमुंद जिले के बागबाहरा- कोमाखान मुख्य मार्ग किनारे जंगल में बड़ी मात्रा में सरकारी आपूर्ति दवाइयां खुले में पड़ी मिलीं। मौके पर सैकड़ों दवा पैकेट, सिरप की बोतलें, टैबलेट की स्ट्रिप और अन्य चिकित्सा सामग्री बिखरी मिली। तस्वीरों में मेट्रोनिडाजोल टैबलेट, परमेथ्रिन लोशन सहित कई प्रकार की दवाइयां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। प्रथम दृष्टया यह किसी सामान्य कचरे का ढेर नहीं, बल्कि एक साथ फेंका गया दवा का स्टॉक प्रतीत होता है।
लापरवाही का ढेर

सड़क किनारे मिली दवाइयां

सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने का दावा करती है। ऐसे में सड़क किनारे इस तरह दवाइयों का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि ये एक्सपायरी दवाइयां थीं तो बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत अधिकृत एजेंसी के माध्यम से इनका वैज्ञानिक निस्तारण किया जाना चाहिए था। 

खुले में पड़ी दवाइयां जनस्वास्थ्य के लिए खतरा

वहीं यदि इनमें उपयोग योग्य दवाइयां भी शामिल हैं तो मामला और भी गंभीर हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर दवाइयां मिली हैं वहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और मवेशियों की आवाजाही रहती है। खुले में पड़ी दवाइयां पर्यावरण और जनस्वास्थ्य, दोनों के लिए खतरा बन सकती हैं।

सदन में दवा खरीदी पर सवाल

सड़क किनारे मिला दवाइयों का ढेर - मानसून सत्र में विधानसभा के भीतर सरकारी दवाइयों की खरीदी, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर सवाल गूंज रहे थे। सरकार से पूछा जा रहा था कि दवा खरीदी की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है और मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण दवाइयां कैसे पहुंच रही हैं। इधर, सदन की बहस थमी भी नहीं थी कि बागबाहरा-कोमाखान मार्ग किनारे बड़ी मात्रा में दवाइयां खुले में मिलीं। 

स्वास्थ्य विभाग पर नए सवाल 

एक ओर विधानसभा में दवाइयों पर बहस और दूसरी ओर सड़क किनारे दवाइयों का भंडार। यह दोनों घटनाएं अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर रही हैं। बरामद दवाइयां किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था के स्टॉक की हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। दवाइयां सड़क किनारे पड़े होने की जानकारी मिली है, जिसे संग्रहण कराया जा रहा है, जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी- बीएस बढई बीएमओ बागबाहरा
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