खरीफ सीजन 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों के बीच एक बार फिर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित रीवां ने सूचना जारी कर बताया है कि जो किसान इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहते, उन्हें समिति कार्यालय में निर्धारित आवेदन जमा करना होगा। आवेदन नहीं करने की स्थिति में उनका बीमा स्वतः हो जाएगा और प्रीमियम की राशि खाते से काट ली जाएगी। समिति के अनुसार, योजना से बाहर रहने के इच्छुक किसानों को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और निर्धारित प्रपत्र के साथ समिति कार्यालय में आवेदन देना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर किसानों को योजना में शामिल मानते हुए प्रीमियम स्वतः काट लिया जाएगा।
प्रीमियम कटता है, लेकिन क्लेम में आती हैं दिक्कतें
समिति की सूचना के बाद कई किसानों ने फसल बीमा योजना की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि प्रीमियम तो समय पर खाते से कट जाता है, लेकिन फसल खराब होने पर बीमा दावा प्राप्त करना आसान नहीं होता। उनका आरोप है कि पोर्टल की तकनीकी समस्याएं, सर्वे में देरी, दस्तावेजों की लंबी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के कारण समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता।
छोटे नुकसान पर राहत मिलने में परेशानी
किसानों का कहना है कि यदि किसी एक या दो किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा, जलभराव, सूखा या अन्य कारणों से खराब होती है, तो ऐसे मामलों में सर्वे और दावा प्रक्रिया अक्सर प्रभावित रहती है। उनका आरोप है कि कई बार तभी राहत मिलने की संभावना बनती है, जब किसी बड़े क्षेत्र या पूरे गांव की फसल प्रभावित हो। इससे सीमित क्षेत्र में नुकसान झेलने वाले किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता।
सरल और पारदर्शी व्यवस्था की मांग
ग्रामीण किसानों और किसान संगठनों का कहना है कि फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र किसान को सुरक्षा देना होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि सरकार प्रीमियम स्वतः काट रही है, तो नुकसान की स्थिति में व्यक्तिगत स्तर पर भी समयबद्ध सर्वे कराकर उचित क्लेम उपलब्ध कराया जाना चाहिए। किसानों ने सरकार से बीमा दावा प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की मांग की है, ताकि छोटे किसानों को भी बिना अनावश्यक जटिलताओं के समय पर मुआवजा मिल सके।
समिति ने समय पर निर्णय लेने की अपील की
ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित रीवां ने किसानों से अपील की है कि जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल नहीं होना चाहते, वे निर्धारित दस्तावेजों के साथ समय रहते समिति कार्यालय पहुंचकर अपनी असहमति दर्ज कराएं। इससे बाद में प्रीमियम कटौती को लेकर किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।