पुलिसिंग की तैयारी : IG अमरेश मिश्रा ने ली समीक्षा बैठक, पेंडिंग केस निपटाने और आर्थिक नेटवर्क तोड़ने के निर्देश
रायपुर रेंज की समीक्षा बैठक में आईजी अमरेश मिश्रा ने लंबित मामलों के त्वरित निपटारे, साइबर अपराधों की प्रभावी जांच, AI आधारित पुलिसिंग, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
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कीर्तिमान न्यूज
02 Aug 2026, 09:20 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत आसपास के जिलों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग का स्तर सुधारने के लिए शनिवार को एक बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) और अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में लंबे समय से अटके मामलों के निपटारे से लेकर साइबर क्राइम और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। आईजी अमरेश मिश्रा ने एक साल से अधिक समय से पेंडिंग चल रहे मामलों, अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) और चिटफंड घोटालों जैसी गंभीर फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द बंद करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि वे जांच (इन्वेस्टिगेशन), साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की गिरफ्तारी और अदालती प्रक्रिया की खुद निगरानी करें।
समझाई अवैध संपत्ति ट्रेस करने की तकनीक
साथ ही, नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का पूरा फायदा उठाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक के साथ-साथ पुलिस अफसरों के लिए 'फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और रिसोर्स मैनेजमेंट' पर एक खास कार्यशाला (वर्कशॉप) भी रखी गई। इसमें अफसरों को मनी ट्रेल ट्रैक करने, बैंकिंग व डिजिटल ट्रांजैक्शन की बारीक जांच करने और अपराध के जरिए जुटाई गई अवैध संपत्ति को ट्रेस करने की तकनीक समझाई गई।
बैठक में दी गई जानकारीकाली कमाई की संपत्तियों को जब्त करने पर जोर
विशेष तौर पर NDPS (नशीले पदार्थों) और अन्य संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों के पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनकी काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने पर जोर दिया गया। आईजी ने डिजिटल दौर की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल, वाहनों, सीसीटीवी कैमरों और AI टूल्स का सही उपयोग कर ट्रैफिक व्यवस्था को डेटा-आधारित बनाया जाए।
पुलिस सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने का संदेश
साइबर अपराधों से जुड़ी जांच को तेज करने के लिए जिलों की पुलिस को 'रेंज साइबर थाना' के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, गोवंश तस्करी, अवैध शराब और नशीली दवाओं के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की जब्ती और राजसात (कॉन्फिस्केशन) की कार्रवाई समय पर पूरी करने की बात कही गई।पुलिस सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने का संदेश देते हुए आईजी अमरेश मिश्रा ने अधिकारियों में लीडरशिप क्वालिटी, तकनीकी ज्ञान, अनुशासन और टीम मोटिवेशन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर अधिकारी को अपनी व्यक्तिगत जवाबदेही समझनी होगी, ताकि आम जनता को एक संवेदनशील, पारदर्शी और भरोसेमंद पुलिस सेवा मिल सके।