दिल्ली में बढ़ा सियासी पारा : अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने रखीं 3 शर्तें, आज संसद कूच की तैयारी में जुटे हजारों युवा
सोनम वांगचुक के 23 दिन लंबे अनशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज हो गया है। सोमवार को छात्र संगठनों और CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी है।
क
कीर्तिमान न्यूज
20 Jul 2026, 09:54 AM
नई दिल्ली
राजधानी का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है। पिछले 25 दिनों से जारी इस प्रदर्शन ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब शनिवार को करीब 23 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद जंतर-मंतर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार सुबह तक हजारों की तादाद में छात्र और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं और माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। आज सुबह 9 बजे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में 'चलो संसद' मार्च निकालने की घोषणा की गई है।
शांतिपूर्ण तरीके से मार्च
जंतर-मंतर से संसद भवन तक होने वाले इस शांतिपूर्ण मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। दिल्ली पुलिस का साफ कहना है कि मानसून सत्र और संसद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते हुए आगे बढ़ेंगे।
अनशन खत्म करने तीन शर्तें
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मार्च से ठीक पहले समर्थकों से अपील करते हुए कहा, "हमारी तरफ से कोई भी कानून हाथ में नहीं लेगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि यह आंदोलन और संसद मार्च पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रहे। हम पिछले एक महीने से अपनी जायज मांगों को लेकर शांति से बैठे हैं।" इस बीच, अस्पताल के बेड से सोनम वांगचुक ने सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर कर हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने आज (20 जुलाई) अपना अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन विकल्प (शर्तें) रखे हैं।
आज हो सकता है अनशन खत्मक्या है वो तीन मांग
जवाबदेही तय हो: केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में आ रही कमियों और हालिया पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे।
संसद में मिले आश्वासन: वांगचुक और CJP का एक प्रतिनिधिमंडल संसद तक जाए, जहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता उन्हें यह लिखित या पुख्ता भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद के भीतर उठाया जाएगा।
अस्पताल में आएं सांसद: अगर स्वास्थ्य कारणों या पुलिसिया पाबंदियों की वजह से वांगचुक संसद नहीं जा पाते हैं, तो अलग-अलग दलों के सांसद खुद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें यह आश्वासन दें।
अस्पताल में किया अवैध हिरासात
वांगचुक ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में एक तरह से 'अवैध हिरासत' में रखा गया है, जहाँ उनकी बातचीत करने, मिलने-जुलने और अभिव्यक्ति की आजादी को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। आंदोलन से जुड़े अंदरूनी सूत्रों और सोनम वांगचुक की पत्नी से मिली जानकारी के मुताबिक, अब इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राजनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
सहमति बनी तो अनशन होगा खत्म
सूत्रों का कहना है कि सरकार की तरफ से एक प्रस्ताव पर विचार चल रहा है, जिसके तहत संसद का सत्र शुरू होते ही विभिन्न दलों के सांसदों का एक दल सफदरजंग अस्पताल जाकर वांगचुक से मुलाकात कर सकता है। यह दल उन्हें भरोसा दिलाएगा कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा सुधार से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से रखा जाएगा। अगर यह सहमति बनती है, तो आज वांगचुक का अनशन खत्म हो सकता है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक केंद्र सरकार या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक मध्यस्थ या मंत्री के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।