छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ की राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा एवं प्रबोध शिक्षा वर्ग गुरुवार को सुभाष स्टेडियम में भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण वर्ग सरोना स्थित कृष्णा पब्लिक स्कूल में 13 मई से संचालित किया जा रहा था, जिसमें प्रदेशभर से आई 162 शिक्षार्थी बहनों ने भाग लिया।
15 दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास से जुड़े विभिन्न अभ्यास कराए गए। अनुशासन, आत्मनिर्भरता और संगठनात्मक क्षमता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
आत्मरक्षा कौशल का सशक्त प्रदर्शन
समापन समारोह के दौरान सेविकाओं ने दंड, यष्टी, नियुद्ध और योगचाप जैसी विधाओं के माध्यम से आत्मरक्षा कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके संतुलित संचालन, योगाभ्यास और अनुशासनपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान समिति के घोष दल ने मैदान पर ‘90’ की आकृति बनाकर राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीकात्मक संदेश दिया। यह प्रस्तुति संगठन की लंबी यात्रा और निरंतर सेवा भाव को दर्शाती रही।मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोधन
मुख्य अतिथि डॉ. नीता नायक ने अपने संबोधन में कहा कि “महिला अपने आप में संपूर्ण शक्ति है और दृढ़ निश्चय ही सफलता की कुंजी है।” उन्होंने मातृशक्ति के सर्वांगीण विकास—शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक उन्नति—पर विशेष बल दिया।कार्यक्रम ने न केवल प्रशिक्षण की उपलब्धियों को सामने रखा, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक मजबूत करने का संदेश भी दिया।
