छत्तीसगढ़ के न्यायधानी और संस्कारधानी के बीच राजनांदगांव पुलिस ने सामाजिक बदलाव की एक ऐसी इबारत लिखी है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में है। पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा के नेतृत्व में समाज और खाकी के बीच का फासला मिटाने के लिए "पहल" अभियान की भव्य शुरुआत की गई है। इस अभिनव जन-केंद्रित अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता में विश्वास जगाना, संवाद स्थापित करना और अपराध नियंत्रण में जनसहभागिता को सुनिश्चित करना है।
बीते 15 जून को राजनांदगांव पुलिस लाइन में आयोजित एक गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है
ऐतिहासिक सहभागिता
यह आयोजन केवल पुलिस का नहीं, बल्कि आम जनता का महाकुंभ बन गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 2600 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें शामिल थे:
550 कर्मठ कोटवार
1000 से अधिक जागरूक ग्रामवासी
400 भविष्य गढ़ने वाले प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी
500 से अधिक अनुशासित यातायात मित्र
111 मानवता की मिसाल बने 'गुड समैरिटन्स' (नेक फरिश्ते)
पहल रीडिंग रूम
अपराधमुक्त गांवों का अनूठा सम्मान
कम्युनिटी पुलिसिंग की एक खूबसूरत मिसाल पेश करते हुए वर्ष 2024, 2025 और 2026 में पूरी तरह अपराधमुक्त रहे 164 गांवों को सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए पुलिस लाइन और संबंधित थानों के परिसरों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया। यह पौधे उन गांवों की शांति और भाईचारे के प्रतीक बनकर लहलहाएंगे।
