सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। विश्रामपुर क्षेत्र में देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां FCI गोदाम की करीब 7 से 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल अचानक गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से आसपास के 7 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और लोग सुरक्षित बच गए।
अचानक गिरी दीवार, मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि तेज बारिश के बीच देर रात गोदाम की बाउंड्री वॉल भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जर्जर दीवार को लेकर पहले भी उठते रहे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि गोदाम की बाउंड्री वॉल काफी समय से कमजोर और जर्जर स्थिति में थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही दीवार की स्थिति पर ध्यान दिया जाता तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
बिना कॉलम के निर्माण पर उठे सवाल
दीवार गिरने के बाद उसके निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाउंड्री वॉल का निर्माण बिना कॉलम के किया गया था, जो सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ाता है। लोगों ने मामले की जांच कराने, जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम शिवानी जायसवाल ने बताया कि दीवार गिरने से 7 मकान प्रभावित हुए हैं। राजस्व विभाग की टीम द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, बची हुई बाउंड्री वॉल की मजबूती की भी जांच कराई जा रही है। इस मामले में FCI के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच के लिए अवगत कराया गया है।
FCI प्रबंधन के बयान पर भी उठे सवाल
वहीं, FCI गोदाम प्रबंधन के बयान को लेकर भी चर्चा हो रही है। प्रबंधक ने माना कि बाउंड्री वॉल बिना कॉलम के बनाई गई थी और दीवार पुरानी थी। हालांकि उन्होंने इस घटना को प्राकृतिक आपदा बताया। प्रबंधक का कहना है कि दीवार पर बाहर से रंग-रोगन किया गया था, जिससे उसकी वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल था। उन्होंने यह भी कहा कि आगे यदि कोई और नुकसान होता है तो उसे भी प्राकृतिक आपदा के रूप में देखा जाएगा।
जांच के बाद साफ होगी हादसे की वजह
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह जांच का विषय है कि दीवार गिरने की वजह केवल लगातार बारिश थी या फिर निर्माण में हुई किसी लापरवाही का भी इसमें योगदान रहा। हादसे से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।