रायपुर के तात्यापारा स्थित हांडी तालाब में फैली गंदगी और जलकुंभी को लेकर स्थानीय नागरिकों ने जब गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं, तो नगर पालिक निगम रायपुर ने तत्काल संज्ञान लिया। जैसे ही मामला जोन क्रमांक 7 तक पहुंचा, प्रशासन ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए, जिससे पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान की गति तेज हो गई।
शिकायत को गंभीर मानते हुए जोन क्रमांक 7 की अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा और जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव ने मौके पर तत्काल हस्तक्षेप किया। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तालाब की स्थिति में जल्द सुधार लाया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद पूरी कार्ययोजना को युद्ध स्तर पर लागू किया गया।
स्वास्थ्य विभाग और सफाई टीम का विशेष अभियान
जोन स्वास्थ्य अधिकारी आत्मानंद साहू के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और लगभग 15 सफाई कर्मियों की विशेष गैंग को तालाब क्षेत्र में उतारा गया। टीम ने नाव और आवश्यक उपकरणों की मदद से जलकुंभी हटाने का काम शुरू किया। साथ ही तालाब के किनारों पर जमा कचरे को भी तेजी से साफ किया गया, ताकि जलस्रोत की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके। सफाई अभियान के दौरान लगातार मेहनत के चलते कुछ ही घंटों में हांडी तालाब की स्थिति में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। जहां पहले जलकुंभी और गंदगी के कारण पानी की सतह ढकी हुई थी, वहीं अब तालाब का बड़ा हिस्सा साफ नजर आने लगा। इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और निगम की पहल की सराहना की।स्थानीय नागरिकों को मिली बड़ी राहत
लंबे समय से तालाब की गंदगी और बदबू से परेशान स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि समय पर हुई सफाई से न केवल पर्यावरण सुधरा है, बल्कि आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही शहर के सभी जलस्रोतों की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि ऐसी समस्याएं दोबारा न उत्पन्न हों। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित शहर निर्माण के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
प्रशासन और जनता की साझेदारी से मिली सफलता
हांडी तालाब में चला यह सफाई अभियान केवल एक नियमित कार्रवाई नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बन गया। नागरिकों की सक्रिय शिकायत और निगम की त्वरित प्रतिक्रिया ने मिलकर यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
