मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुई। यह योजना प्रदेशवासियों को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बन रही है।
ट्रेन रवाना होने से पहले अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। जय राम, जय सियाराम और हर-हर महादेव के जयघोष से स्टेशन परिसर गूंज उठा। परिजनों ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।
जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडी
भारत गौरव ट्रेन को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान महापौर मंजूषा भगत, सभापति हरविंदर सिंह टिनी, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरूपा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन और आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी विशेष सुविधाएं
रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु रामलला और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। यात्रा के दौरान भोजन, आवास, पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
वर्षों पुराने सपने हो रहे पूरे
योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से धार्मिक यात्रा से वंचित लोगों को दर्शन का अवसर देना है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि अयोध्या और काशी जाने का उनका वर्षों पुराना सपना अब पूरा हो रहा है। उन्होंने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार जताया।
आस्था और संस्कृति से जोड़ रही रामलला दर्शन योजना
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामलला दर्शन योजना प्रदेशवासियों को भगवान राम और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है।
जनसेवा और आस्था का संगम बनी यात्रा
सरगुजा से रवाना हुई भारत गौरव ट्रेन रामलला दर्शन योजना के तहत जनसेवा, सुशासन और धार्मिक आस्था के बेहतर समन्वय का उदाहरण बन रही है। यह पहल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर प्रदान कर रही है।