कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बंजारी डांड में शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण नहीं होने के कारण हितग्राहियों की परेशानी बढ़ गई है। महीने का अंतिम सप्ताह शुरू होने के बावजूद ग्रामीणों को चावल नहीं मिला है। हितग्राहियों का कहना है कि दुकान से शक्कर और चना भी वितरित नहीं किया गया है।
राशन मिलने की उम्मीद में ग्रामीण लगातार उचित मूल्य दुकान पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि समय पर राशन नहीं मिलने से परिवार का खर्च और भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पीडीएस के खाद्यान्न पर निर्भर हैं कई परिवार
गांव के कई जरूरतमंद परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न पर निर्भर हैं। महीने के अंत तक भी आवश्यक राशन सामग्री नहीं मिलने से ऐसे परिवारों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि राशन उपलब्ध होने के बावजूद वितरण में देरी क्यों हो रही है।
तत्काल वितरण शुरू कराने की मांग
ग्रामीणों ने खाद्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और उचित मूल्य दुकान में तत्काल राशन वितरण शुरू करवाने की मांग की है। अब हितग्राहियों की नजर विभाग की कार्रवाई पर टिकी है कि बंजारी डांड में राशन वितरण व्यवस्था कब तक सामान्य होती है।
खाद्य अधिकारी बोले—मामले की जानकारी नहीं
इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी नटवर सिंह राठौर से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल मामले की सूचना नहीं है। साथ ही संबंधित सिस्टम को अपडेट कराने की बात कही। अधिकारी के इस जवाब के बाद राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राशन वितरण में देरी के लिए जिम्मेदार कौन
महीने का आखिरी सप्ताह आने के बाद भी चावल, शक्कर और चना नहीं मिलने से ग्रामीणों में असंतोष है। हितग्राहियों का कहना है कि यदि राशन वितरण में किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी है, तो विभाग को इसकी जानकारी ग्रामीणों को देनी चाहिए। समय पर खाद्यान्न नहीं मिलने के लिए जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।