Bilaspur Stone Pelting: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में शुक्रवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंटरनेट मीडिया पर हुई एक विवादित टिप्पणी ने उग्र रूप ले लिया। गोवंश को लेकर सोहेल खान नाम की एक आईडी से की गई आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में जब लोग शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाने पहुंचे, तो अचानक माहौल गरमा गया और देखते ही देखते थाना परिसर में पथराव शुरू हो गया। घटना शुक्रवार शाम की है। हिंदू संगठनों से जुड़े लोग विवादित पोस्ट की शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे ही थे कि अचानक भीड़ में से किसी अज्ञात शख्स ने पत्थर फेंक दिया।
पत्थरबाजी से मचा भगदड़
इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से दे-मार पत्थरबाजी होने लगी। थाना परिसर के भीतर अचानक हुई इस पत्थरबाजी से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के भी हाथ-पांव फूल गए और कुछ देर के लिए वहां बुरी तरह भगदड़ मच गई। मामले की संवेदनशीलता और बिगड़ते हालात को देखते हुए आला अधिकारियों के निर्देश पर शहर के तमाम अन्य थानों से अतिरिक्त बल तत्काल कोतवाली रवाना किया गया।
पुलिस को करना पड़ा आंसू गैस का प्रयोग
अधिकारियों ने खुद मौके पर मोर्चा संभाला। जब समझा-बुझाकर उपद्रवियों को शांत कराने की कोशिशें नाकाम साबित हुईं, तो भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। काफी मशक्कत के बाद पुलिस स्थिति को काबू में ला सकी। इस उपद्रव के बाद इलाके में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही, जिसे देखते हुए थाना परिसर और आसपास के संवेदनशील रास्तों पर भारी संख्या में बल तैनात कर दिया गया है।खंगाली जा रही सीसीटीवी कैमरों फुटेज
पुलिस की जांच फिलहाल दो मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है—पहला, सोहेल खान नाम के उस सोशल मीडिया अकाउंट का सच, जिससे टिप्पणी की गई थी, और दूसरा, वह पहला पत्थर जिसने इस पूरे विवाद को भड़काया। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि पथराव शुरू करने वालों और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है।

