बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिल्ली मोड़ के पास बने पुल के नीचे एक नवजात बच्चा लावारिस अवस्था में मिला। वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो वे हैरान रह गए। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी देने के साथ ही तत्काल पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही रतनपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक नवजात को पुल के नीचे से बाहर निकाला।
राहगीरों की सतर्कता से बची जान
बताया जा रहा है कि नवजात पुल के नीचे अकेला पड़ा हुआ था और उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। बच्चे की हालत देखकर राहगीरों ने समझदारी दिखाते हुए उसे खुद उठाने के बजाय पहले पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिस्थितियों का जायजा लिया और बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर पहुंचाया।
नवजात को छोड़ने वाले की तलाश
स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नवजात बच्चे को पुल के नीचे किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या कारण था, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। घटना को गंभीरता से लेते हुए रतनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों, दुकानदारों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही यह जानने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले क्षेत्र में किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को देखा गया था या नहीं।
प्राथमिक जांच के बाद बिलासपुर सिम्स रेफर
राहगीरों की सतर्कता और समय पर मिली सूचना के कारण नवजात को जल्द चिकित्सा सहायता मिल सकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में डॉक्टरों ने नवजात की प्राथमिक जांच की और उसे आवश्यक उपचार दिया। बच्चे की उम्र बेहद कम होने और उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। इसके बाद नवजात को सुरक्षित तरीके से सिम्स पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
बच्चे को पुल के नीचे छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए पुलिस सिल्ली मोड़ और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। घटनास्थल के पास से गुजरने वाले रास्तों और संभावित प्रवेश मार्गों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि कैमरों में दर्ज तस्वीरों या स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्य मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।